सोमवार रात लाठी डंडों से लैस डकैतों ने ग्राम प्रधान के घर पर धावा बोल दिया। प्रधान, उनके पति, सास और बच्चाें के साथ हमलवारों ने जमकर मारपीट की। प्रधान की बेटी को दूसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया। घर में तोड़फोड़ करने के बाद लूटपाट भी की। पुलिस ने सात घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। मामला यूपी के हरदोई जिले का है।
विज्ञापन
हरदोई-सीतापुर मार्ग के पास ग्राम रामनगर में अखिलेश कुमार (35) का मकान है। उनकी पत्नी पूनम (30) ग्राम प्रधान हैं। वह मां कांति देवी, चार बच्चों प्रियंका (16), आलोक (13), अरुण (10) और अमर (8) के साथ रहते हैं। दो मंजिले घर के बाहर एक टीनशेड भी पड़ा है। सोमवार रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे 15-16 डकैत टीन के सहारे दूसरी मंजिल पर पहुंच गए। कमरे के बाहर बने बरामदे में अखिलेश कुमार, उनकी पत्नी पूनम और बेटा अमन (8) सो रहे थे। अखिलेश ने बताया कि लाठी डंडे से लैस डकैतों ने उन पर हमला बोल दिया। उनकी पत्नी पूनम बचाने आईं तो उन्हें भी पीट दिया। शोर सुनकर पहली मंजिल पर सो रहीं अखिलेश की मां कांति देवी (55), पुत्र आलोक, अरुण और पुत्री प्रियंका वहां पहुंची। प्रियंका और कांति हमलावरों से उलझ गईं। इसी दौरान डकैतों ने प्रियंका को नीचे फेंक दिया। कांति को लाठियाें से पीट दिया। अखिलेश घर की छत से कूद गए और शोर मचाते हुए गांव की ओर भागे। हमलावरों ने घर में तोड़फोड़ की और लूटपाट भी की। ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो हमलावर फायरिंग कर भाग गए। सीओ सिटी सत्येंद्र सिंह राठौर, देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक आनंद त्रिपाठी के अलावा फील्ड यूनिट की टीम मौके पर पहुंची और पड़ताल शुरू कर दी। डकैत कितने का माल लूट ले गए, इसका पता नहीं चला है।
लाल बनियान और लोअर पहने थे हमलावर
छत पर कमरों के बाहर बिखरा पड़ा खून।
घायलों ने पुलिस को बताया कि सभी डकैत लोअर और लाल रंग की बनियान पहने थे। इन सभी के हाथ में लाठियां और डंडे थे। हमलावरों ने सीधे अखिलेश और पूनम पर हमला बोल दिया था। अखिलेश के भागने के बाद पूनम ने बदमाशों से कहा कि जो कुछ लेना हो, ले लें लेकिन किसी को नुकसान न पहुंचाएं। लेकिन हमलावर सबको पीटते रहे। डकैत स्थानीय भाषा ही बोल रहे थे।
डकैतों में कोई वजीर या कोड वर्ड
प्रधान के घर में खुली पड़ी अलमारी।
पीड़ित परिवार ने बताया कि डकैतों ने जब अखिलेश के साथ ग्रामीणों को आते देख लिया तो इन लोगों ने भागना शुरू कर दिया। एक बदमाश अंदर था तो बाहर निकल चुके बदमाशों ने भागो वजीर कहकर शोर मचाया था। अब पुलिस के लिए ये वजीर चुनौती है। ये पता करना है कि वजीर किसी बदमाश का नाम था या फिर कोड वर्ड के तौर पर बुलाया गया था।
चार दिन पहले तालाब के पानी को लेकर हुआ था विवाद
अस्पताल में बैठे प्रधान के चारों बच्चे।
घटना में घायल ग्राम प्रधान पूनम की सास कांति देवी ने बताया कि चार दिन पहले पड़ोस के गांव ईश्वरीपुर में पानी को लेकर विवाद हो गया था। ईश्वरीपुर में एक तालाब है। रामपुर के कुछ किसान इस तालाब में मशीन लगाकर पानी अपने खेतों की सिंचाई के लिए प्रयोग कर रहे थे। ईश्वरीपुर के ग्रामीणों ने ये कहकर विरोध किया था कि उन लोगों ने तालाब में मछलियां पाल रखी हैं। विवाद होने पर रामपुर के ग्रामीणों ने प्रधान पति अखिलेश को सूचना दी थी।
बदमाशों के हमले में घायल राम नगर की प्रधान पूनम देवी, सास कांती देवी का टूट गया हाथ
अखिलेश मौके पर पहुंच गए थे और अपने गांव के लोगों का पक्ष लेकर पानी निकलवा दिया था। इस बात से तालाब में मछली पालने वाले लोग खासे खफा थे और इन लोगों ने प्रधान पति को निपट लेने की चेतावनी दी थी। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। उधर दूसरी ओर घटना का पता चलने पर बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार का हाल लिया। अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानंजय सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर ग्राम प्रधान और उनके पति से घटना के बारे में पूछताछ की।