यूपी के चित्रकूट में एक लाख पांच हजार के इनामी डाकू गोप्पा गैंग ने प्रधानपति का अपहरण कर लिया। इसके बाद रायफल अथवा एक लाख की रंगदारी मांगी। जिस पर प्रधानपति ने 25 हजार देकर किसी तरह जान बचाई और पूरे मामले की पुलिस जानकारी दी है। पुलिस अधीक्षक ने सीओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए।
सोमवार को मानिकपुर ब्लॉक क्षेत्र के कर्का पडरिया प्रधान आशादेवी के पति तुलसी प्रसाद यादव ने बताया कि शनिवार को वह गांव के बाहर एक पुरवा में शाम को बिगड़ा हैंडपंप बनवा रहा था तभी डाकू गोप्पा गैंग आ धमका और उसे जंगल की ओर अपहरण कर ले गया। प्रधानपति ने बताया कि घटना के समय वह अपनी लाइसेंसी रायफल घर में रख आया था। जंगल में ले जाकर डाकू गैंग के सदस्यों ने कहा कि एक लाख रुपया मंगाओ अथवा अपनी लाइसेंसी रायफल मंगाओ नहीं तो उसे नहीं छोड़ेंगे।
प्रधानपति ने बताया कि वह डकैतों से कहता रहा कि उसके पास रुपये नहीं है तो डकैतों ने कहा कि गांव में विकास कार्य नहीं कराने देंगे। देर रात तक डकैतों ने उसे डराया धमकाया तो किसी तरह गांव से 25 हजार रुपये मंगाकर दिए और बाकी की रकम डकैतों ने बाद में पहुंचाने का वादा कर भगा दिया है। किसी तरह जान बचने के बाद अब उसे डकैतों से भय लग रहा है कि कहीं गांव में धावा बोलकर किसी अप्रिय घटना को अंजाम न दें। इस कारण पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है।
पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह ने बताया कि डाकू गोप्पा गैंग द्वारा प्रधानपति का अपहरण कर रु पये और रायफल मांगने का मामला सामने आया है। जिसकी सीओ सिटी से जांच कराकर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि 25 हजार रुपये डकैतों को पहुंचाने की पुष्टि तो नहीं हुई है लेकिन प्रधानपति समेत ग्रामीणों को सुरक्षा दिलाने के लिए गांव के आस-पास पुलिस गश्त बढ़ाई गई है। सीओ राजेश तिवारी ने बताया कि जांच कर ली गई है और मंगलवार को डाकू गोप्पा गैंग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।