फर्रुखाबाद में युवती को भगाने की रंजिश में दंपति और बेटे की हत्या कर युवक घंटों बाद कुल्हाड़ी सहित थाने पहुंच गया। शुक्रवार देर शाम वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने वृद्धा और एक बालक को गंभीर हालत में सीएचसी में भर्ती कराया है। पुलिस अधीक्षक ने शव को पोस्टमार्टम लिए उठवाने चाहा तो परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करके रोक दिया। बाद में पुलिस ने युवती की मां और भाभी को हिरासत में ले लिया।
गांव गदनापुर निवासी सुरेंद्र उर्फ पप्पू (40) पुत्र नत्थू कमालगंज ब्लॉक के सामने मोची का काम करता था। पत्नी सुलोचना (35) बान बनाती थी। चार बेटे दुर्गेश (22), रजत (11), विवेक (10) और अतुल (9) हैं। दुर्गेश 20 नवंबर 2019 को घर से लापता हो गया। 28 नवंबर को गांव की एक युवती भी लापता हो गई।
उसके पिता ने सुरेंद्र, सुलोचना व दुर्गेश समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके चलते दोनों पक्षों में रंजिश थी। शुक्रवार की शाम युवती का भाई व पिता अपने साथियों के साथ सुरेेंद्र के घर कुल्हाड़ी लेकर घुस गए। उन्होंने सुरेंद्र, उसकी पत्नी सुलोचना पर हमला कर दिया। बेटा अतुल व मां तारावती (60) बचाने दौड़ीं तो उन पर भी हमला किया। घायल अतुल चीखता हुआ घर के बाहर भागा। वह मुकेश के दरवाजे जाकर गिर पड़ा। वहीं उसकी मौत हो गई।
विवेक डर की वजह से बाहर भाग आया। उसे पड़ोसी लाली देवी ने अपने शॉल में छिपा लिया। सूचना पर पुलिस गांव पहुंची। सुरेंद्र, सुलोचना, विवेक व तारावती लहूलुहान पड़े थे। सुरेंद्र व सुलोचना की मौत हो चुकी थी। तारावती व विवेक को गंभीर हालत में पुलिस ने सीएचसी भेज दिया।
कमालगंज निवासी सुरेंद्र की बहन सुनीता भी जानकारी पाकर अन्य रिश्तेदारों के साथ गांव आ गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेेेजने का प्रयास किया तो ग्रामीणों व रिश्तेदारों ने विरोध कर दिया। थानों की फोर्स बुला ली गई।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल मिश्रा ने कार्रवाई का भरोसा दिया, पर रिश्तेदार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। बहन सुनीता ने एसपी को बताया कि दुर्गेश कहां गया यह उन्हें नहीं मालूम है। इसके बाद भी पुलिस उन्हें ही परेशान करती रही। पुलिस ने देर रात युवती की मां व भाभी को हिरासत में ले लिया। उधर युवती का भाई कुल्हाड़ी लेकर थाने पहुंच गया। उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष अंगद सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।