न्याय के लिए महीनों से भटक रहे आटो चालक ने शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में परिवार सहित आत्मदाह की कोशिश की। हाथ में मिट्टी का तेल देख आत्मदाह करने से पहले ही वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें दबोच लिया।
कोतवाली पुलिस ने परिवार को हिरासत में लिया है। पनकी निवासी आटो ड्राइवर रामदास ने बताया कि उसने लोन लेकर आटो और परमिट खरीदा था। घाटमपुर निवासी युवक ने बर्रा और पनकी निवासी युवकों के साथ मिलकर उसका परमिट किसी और को बेच दिया। धोखे से उससे अंगूठा लगवा लिया। अर्मापुर पुलिस ने आटो भी सीज कर दिया।
ठगी के शिकार रामदास ने चौकी से लेकर एससपी, डीएम तक ठगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसपर रामदास शनिवार दोपहर पत्नी आशा देवी और तीन बच्चे अभिषेक, विवेक, नीलम संग आत्मदाह करने कलक्ट्रेट पहुंचा।
एडीएम सिटी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने परिवार को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया। कोतवाली इंस्पेक्टर हरीराम वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।