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किशोरी का फर्जी आधार बनवाया, फिर की शादी, जेल भेजे गए आरोपी पर बढ़ेंगी धाराएं, पढ़ें पूरा मामला

Mon, 11 Nov 2019 04:48 PM IST
शिखा पांडेय क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : गूगल
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कानपुर में सचेंडी में किशोरी से दुष्कर्म के मामले में जेल भेजे गए आरोपी ने शादी करने के लिए फर्जीवाड़ा किया था। उसने किशोरी के फर्जी आधार कार्ड बनवाए। इसी के आधार पर उसे बालिग दिखा कोर्ट में शादी की। पुलिस ने  जब तहकीकात की तो किशोरी के दो आधार कार्ड मिले और दोनों में उसकी जन्मतिथि अलग-अलग थी।
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ऐसे में पुलिस आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी समेत कई अन्य धाराएं बढ़ाएगी। कुछ समय पहले सचेंडी के एक गांव की किशोरी को लाला शिवम नाम का युवक बहला फुसलाकर भगा ले गया था। परिजनों ने आरोपी पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था।

शुक्रवार को सचेंडी थाने का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें थानेदार शिवम को पीटते नजर आ रहे थे। मामले में पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा बढ़ाकर शिवम को जेल भेज दिया था। सचेंडी एसओ शेष नारायण पांडेय ने बताया कि शिवम व किशोरी को जब पकड़ा गया तो कोर्ट में किशोरी के 164 के बयान दर्ज हुए। इसमें उसने शादी के कागजात रखे।

वहीं परिजनों ने किशोरी के स्कूल के प्रमाण पत्र पेश किए। स्कूल के दस्तावेजों के मुताबिक किशोरी की उम्र महज 16 साल थी। किशोरी के आधार कार्ड के मुताबिक वह बालिग थी। एसओ के मुताबिक कोर्ट ने आरोपी पर दुष्कर्म व पॉक्सो की धारा बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसी आधार पर सचेंडी पुलिस ने कार्रवाई की।
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फर्जीवाड़ा खुला 
पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी ने किशोरी के दो आधार कार्ड बनवाए थे। एक आधार कार्ड में जन्मतिथि 01/01/1999 और दूसरे में 02/04/2000 दर्ज है। एसओ के मुताबिक किशोरी की सही जन्मतिथि 02/04/2003 है। आरोपी को पीटने का वीडियो वायरल होने के मामले में एसओ का कहना है कि साजिशन उन्हें फंसाने व बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सही आरोपी को ही जेल भेजा गया है।

पीड़िता नाबालिग है। वहीं 12 सितंबर 2019 को आर्य समाज से शादी का प्रमाण पत्र है, दूसरे ही दिन यानी 13 सितंबर की तारीख का कोर्ट का मैरिज रजिस्ट्रेशन का दस्तावेज है। एसओ का कहना है कि इस प्रक्रिया में कम से कम दो सप्ताह लगते हैं। जांच में पता चला है कि वकील को बीस हजार रुपये देकर फर्जी कोर्ट मैरिज का कागज तैयार किया गया। इसकी भी जांच की जा रही है।
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