नरेंद्र सरीन स्कूल में पूछताछ करता पुलिस कर्मी
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ स्थित नरेंद्र सरीन स्कूल में समेकित शिक्षा के अंतर्गत चल रहे कैंप में शिक्षकों ने दिवाली से पहले एक दिव्यांग बच्चे के मुंह पर कपड़ा डाल कर पीटा। दीवाली की छुट्टियों में घर गए बच्चे ने मामले की शिकायत परिजनों से की। मंगलवार को परिजन मामले की एफआईआर दर्ज कराने फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचे। एफआईआर दर्ज न होने पर जिलाधिकारी से शिकायत की। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन अधिकारियों की समिति गठित कर जांच सौंपी। टीम ने स्कूल पहुंच कर जांच शुरू कर दी।
नवाबगंज के गांव समस्तीपुर निवासी अंशू (7) पुत्र अनिल कुमार समेकित शिक्षा कैंप में दो माह से पढ़ रहा है। आरोप है कि 25 अक्तूबर को शिक्षक रोहिताश कुमार, अनुराग व राजेश ने उसके मुंह पर कपड़ा डाल कर पिटाई की। तीन नवंबर को दिवाली की छुट्टी में उसकी मां मुन्नी देवी उसे घर ले गईं। घर पर बच्चे ने परिजनों को मारपीट की जानकारी दी। आरोप है कि तब से ही बच्चे की तबियत भी खराब है। उसे लगातार पेट व शरीर में दर्द है।
इसी के चलते मुन्नी देवी व अनिल कुमार ने मंगलवार को फतेहगढ़ कोतवाली में मामले की तहरीर दी। वहां कोई सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने डीएम से मामले की शिकायत की। जिलाधिकारी ने डीडीओ ओम प्रकाश पांडेय, समाज कल्याण अधिकारी राजीव लोचन मिश्रा और दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी राजेश कुमार बघेल की समिति बनाकर मामले की जांच सौंपी है। इसके बाद ही समाज कल्याण अधिकारी व दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी जांच करने नरेंद्र सरीन स्कूल गए। वहां पर उन्हें अंशू व उसके माता-पिता कोई भी नहीं मिले। राजेश बघेल ने बताया कि पीड़ित को बुधवार को बुलाया गया है। उसके बयान लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद कोतवाली पुलिस भी जांच के लिए स्कूल पहुंची। उसने वहां मौजूद कर्मचारियों व बच्चों से पूछताछ की।