नशेबाजी के बाद 80 रुपये के लेनदेन के विवाद में चौकीदार दोस्त को मिट्टी का तेल छिड़क कर जिंदा जला दिया गया। वह जान बचाने के लिए चीखते हुए इधर-उधर भागता रहा, लेकिन आग लगाने वाले बदमाश दोस्तों के डर से किसी ने उसकी मदद नहीं की। वह भागकर घर पहुंचा तो परिजन किसी तरह आग बुझाकर उसे अस्पताल ले गए। जहां उसकी मौत हो गई। मामला यूपी के कानपुर देहात जिले का है।
कानपुर देहात रूरा के इंजुआ सुंदर गांव निवासी बृज मोहन (35) चौकीदार था। परिवार में मां ममता, पत्नी विनीता, तीन बेटियां और दो बेटे हैं। शुक्रवार रात बृज मोहन गांव में टहलकर चौकीदारी कर रहा था। इस बीच उसकी गांव के ही निवासी रूपेंद्र से मुलाकात हुई। बृज मोहन और रूपेन्द्र ने पहले साथ में बैठकर शराब पी और खाना खाया। इस दौरान उनका 80 रुपये को लेकर विवाद हो गया। दोनों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंची और मौके पर जाकर दोनों को समझाकर शांत करा दिया, लेकिन पुलिस जैसे ही गांव से बाहर गई, रूपेंद्र ने बृज मोहन पर हमला कर दिया। उसने डंडे से बृज मोहन को पीटने के बाद मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। यह देख वहां मौजूद अन्य लोग भाग गए। वह लपटों में घिरा हुआ घर पहुंच गया। परिजन आग बुझाकर उसे माती अस्पताल ले गए। वहां से उसको हैलट रेफर कर दिया। रविवार सुबह उसकी हैलट में मौत हो गई। परिजनों ने रूपेंद्र पर हत्या का आरोप और प्रधान पति राजे पर उसकी मदद करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने रूपेंद्र और प्रधान पति राजे को गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पूरा परिवार संभालता था
मृतक की फाइल फोटो और दुखी परिजन
बृज मोहन के पिता की मौत हो चुकी है, जबकि भाई शिव नारायण दो साल से लापता है। भाई के लापता होने के बाद बृज मोहन पर ही परिवार की जिम्मेदारी थी। मां ममता रोते हुए बोली कि अब घर को कौन संभालेंगा। कैसे उसकी बेटियों की शादी होगी।
कुछ परिजनों ने प्रधान पति को क्लीन चिट दी
बृज मोहन के कुछ परिजनों ने प्रधान पति को क्लीन चिट दी। उनका कहना है कि रूपेंद्र ने ही बृज मोहन के साथ मारपीट कर उसको जलाया है। प्रधान पति की कोई भूमिका नहीं है। हालांकि कुछ परिजन प्रधान पति पर हत्यारोपी पर मदद करने का आरोप लगा रहे हैं।