राशन की दुकान की जमानत राशि जब्त करने से गुस्साए बसपा के पूर्व नगर महासचिव कैफ मोहम्मद ने मंगलवार को गुमटी के राशनिंग दफ्तर के लिपिक सुरेंद्र को पहले पीटा बाद में उसपर अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली दाग दी। गनीमत यह रही कि गोली सुरेंद्र सिंह के बगल से निकल गई।
इसके बाद गुस्साए कर्मचारियों और इलाकाई लोगों ने कैफ और उसके ड्राइवर को पकड़कर पहले पीटा बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस को मौके से रिवाल्वर के दो खाली कारतूस बरामद हुए हैं।
नजीराबाद पुलिस ने लिपिक सुरेंद्र की तहरीर पर कैफ मोहम्मद, उसके ड्राइवर को नामजद करते हुए चार अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, दस्तावेज फाड़ने, धमकाने, हत्या का प्रयास, सरकारी काम में बाधा डालने और एससी/एसटी एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके साथियों की तलाश की जा रही है। साथ ही कैफ के शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण की रिपोर्ट भी भेजने की तैयारी की जा रही है। किदवई नगर के साकेत नगर निवासी सुरेंद्र सिंह खाद्य विभाग में लिपिक हैं।
सुरेंद्र ने बताया कि दोपहर करीब चार बजे गुमटी नंबर पांच स्थित क्षेत्रीय खाद्य कार्यालय पनकी के लिपिक राजेंद्र का फोन आया कि एआरओ ने बुलाया है।
वह दफ्तर पहुंचे इसी बीच एम ब्लाक काकादेव निवासी कैफ मोहम्मद अपने चार-पांच साथियों के साथ दफ्तर आए और पूछने लगे कि उनकी मां सुफिया खान के नाम एम ब्लाक स्थित राशन की दुकान की जमानत राशि क्यों जब्त की गई है। इस पर उन्होंने एआरओ से बातचीत करने को कहा तो वह मारपीट पर उतारू हो गए।
सहकर्मी बचाने दौड़े तो कैफ और उनके साथियों ने बदसलूकी की। इसके बाद दफ्तर के कागजात फाड़ डाले और उन्हें कॉलर पकड़कर दफ्तर से बाहर खींच लाए। लात-घूंसों से पीटा फिर कैफ ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से उनपर फायरिंग कर दी। किसी तरह उन्होंने अपनी जान बचाई।
गोली की आवाज सुनकर दफ्तर और आसपास के लोगों ने भाग रहे कैफ और उनके ड्राइवर कारवालो नगर रायपुरवा निवासी शाहिर अली को दबोच लिया। इसी बीच सूचना पाकर नजीराबाद एसओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों को हिरासत लिया और रिवाल्वर जब्त कर लिया।
एसओ का कहना है कि सुरेंद्र ने तीन फायर करने की बात कही है। मौके से दो खोखा कारतूस मिले हैं। बकौल एसओ एफआईआर दर्ज करके कैफ मोहम्मद और शाहिर को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इधर, कैफ मोहम्मद का कहना है कि वह बसपा नगर महासचिव रहा है।
उसकी मां के नाम राशन की दुकान है। राशनिंग विभाग के लिपिक सुरेंद्र उससे खुन्नस मानते हैं। दुकान की प्रतिभूति जब्त कर ली गई थी। इस बारे में वह पता करने गए थे तभी लिपिक से विवाद हो गया।
लिपिक के पक्ष में 15-20 कर्मचारी आ गए। उन्हें घेर लिया गया। बचाव में उन्हें रिवाल्वर निकाला और गोली चल गई। गोली ड्राइवर शाहिर के पैर में लगी है। कैफ के मुताबिक उसने ही पुलिस को सूचना दी पर पुलिस ने उन्हें हवालात में डाल दिया।