शराब के नशे में बुधवार देर रात बड़े भाई ने अपने मूकबधिर छोटे भाई की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। घटना के बाद वह फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने उसे रात को ही गिरफ्तार कर लिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नुकीले हथियार से कई चोटों के निशान मिले हैं। जिसमें दिल में चाकू लगने को मौत की वजह माना गया। मामला यूपी के फतेहपुर जिले का है।
फतेहपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के बेलदरइया इलाके का है। मोहल्ला निवासी स्व.हरिराम रैदास के पांच बेटों में मोतीलाल हाथ से निशक्त, हीरालाल, जवाहर लाल, छोटेलाल और चौथे नंबर का मुन्नीलाल(45) थे। कुं वारा छोटेलाल दिल्ली में रहता है। मुन्नीलाल मूकबधिर थे। बिजली बनाने का काम जानने की वजह से लोग उसे बुलाकर मजदूरी कराते थे। वह बड़े भाई मोतीलाल के परिवार के साथ ही रहते थे। हत्यारोपी जवाहरलाल की पत्नी करीब दस साल पहले खत्म हो गई थी। मोतीलाल की पत्नी सीमा देवी ने बताया कि देवर मुन्नीलाल लाइन जोड़कर कमाता था, वह उसकी देखरेख और खाने पीने का इंतजाम करती रही है। यह बात जवाहरलाल को अच्छी नहीं लगती थी। अक्सर शराब पीकर जवाहर घर में झगड़ता था। शराब के नशे में रात को घर आया। उन लोगों से गाली गलौच करने लगा और धारदार चाकू निकाल लिया। चाकू से मुन्नीलाल पर हमला किया। जान बचाने के लिए वह घर के बाहर भागा। दरवाजे पर ही उसकी छाती में चाकू से ताबड़तोड़ कई प्रहार कर भाग निकला। पति घायल भाई को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस अधीक्षक श्रीपर्णा गांगुली, एएसपी विनोद कुमार, सीओ सिटी केडी मिश्रा मौके पर पहुंचे। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई। अहमदगंज इलाके से एक रिश्तेदार के घर से आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर बेलदरइया से खून से सना चाकू बरामद किया गया। सीओ सिटी ने बताया कि हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी को जेल भेजा जाएगा।
पहले कातिलाना हमला भाभी पर किया
परिजन
शराब के नशे में हत्यारोपी के सिर पर खून सवार था। कई दिनों से परिवार के प्रति भरी खुन्नस को खून बहाकर वह मिटाना चाहता था। उसने छोटे भाई पर हमले से पहले अपनी भाभी पर चाकू से कातिलाना हमला किया। वह पहले से योजना बनाकर ही घर पहुंचा था। इसका खुलासा भी इलाके के एक व्यक्ति ने पुलिस के सामने किया।
हत्याकांड के दौरान घर में मोतीलाल और उसकी पत्नी सीमा देवी व मृतक मुन्नीलाल एक ही जगह पर बैठे थे। सीमा पति व देवर के लिए खाना परोसने जा रही थी। दूसरे हिस्से में भाई हीरालाल व उसकी पत्नी मीना सो रही थी। देर रात को हत्यारोपी जवाहर लाल नशे में पहुंचा। सीमा देवी ने बताया कि पहले उसके पति से आरोपी देवर ने मारपीट की कोशिश की। विरोध करने पर चाकू से कई बार उस पर हमला किया। वह पीछे हटकर बच जाती रही है। बीच-बचाव को देवर मुन्नीलाल ने कोशिश की। तभी उसे जान से मार डालने की धमकी देकर पीछे दौड़ा। देवर मुन्नीलाल को दरवाजे पर ही पकड़ लिया। दरवाजे से कुछ दूर चला जाता तो उसकी जान बच जाती। वहीं इलाके का एक रिक्शा चालक मिला। उसने बताया कि जवाहरलाल ने रात को उसे घर जाते वक्त रोका था। उससे बोला कि एक काम है। काम पूछने पर बताया कि भाभी और भाई पर हमला करना है। इस काम में उसका साथ दे। रिक्शा चालक को उसने दो चाकू भी दिखाए। उसकी बात नशे में होना मानकर रिक्शा चालक चला गया था। इससे हत्यारोपी की नीयत पहले से ही हमले की साफ होती है। इलाकाई लोगों ने बताया कि परिवार में हर रात गाली गलौच, झगड़ा होता था। तभी कोई बीच बचाव को नहीं पहुंचा। वह घटना के बाद इलाके के एक नेता के पास जाने को कहकर निकला था।
एक महिला के करीब होने की खुन्नस
घटनास्थल
मुन्नीलाल का एक महिला के करीब होना माना जा रहा है। पुलिस भी इसे मानती है लेकिन किसी के कुछ न कहने के कारण मामले को पर्दे के पीछे रखा गया है। हत्यारोपी कई सालों पहले महिला का करीबी था। उसकी हरकतों की वजह से महिला ने उसे दूर कर दिया था। तभी मुन्नीलाल महिला का करीबी बन गया था। यह खुन्नस इलाके के लोग बता रहे हैं।
इलाकाई मुन्नीलाल की मौत से रहे गमगीन
इलेक्ट्रिशियन का काम करने वाले मुन्नीलाल की मौत से इलाके के लोग गमगीन रहे। इलाके के अरशद, शाहरूख ने बताया कि वह कभी काम के लिए इंकार नहीं करता था। काम के बाद रुपये जरूर लेता था लेकिन कम ज्यादा रुपये होने पर किसी से झगड़ता नहीं था।
हत्यारोपी ने खुद को बताया समाजसेवी
घटनास्थल पर मौजूद लोग
हत्यारोपी को पुलिस ने देर रात को ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने सख्ती बरती तो आरोपी ने खुद को सामाजिक और इज्जतदार व्यक्ति बताया। पुलिस से हत्यारोपी बोला कि उसने कोई चोरी नहीं की है। वह हत्या का आरोप है कि उसे इज्जत के साथ ले चलो।
पांच भाइयों के बीच एक भी बेटा नहीं
मुन्नीलाल के परिवार में पांच भाई थे। अब चार भाई मोतीलाल, हीरालाल, जवाहर लाल, छोटेलाल बचे हैं। मोतीलाल की एक बेटी शादीशुदा कानपुर में ब्याही है। हीरालाल की दो बेटियों शादीशुदा हैं। हत्यारोपी जवाहर की रायबरेली में शादी के बाद ही पत्नी की मौत हो गई थी। परिवार का सबसे छोटा भाई छोटेलाल अविवाहित है। इस तरह से परिवार में किसी के एक भी बेटा नहीं है।