कानपुर में बिल्हौर क्षेत्र के चंपतपुर गांव में बुधवार शाम जल निकासी के विवाद में छोटे भाई ने बड़े भाई को चापड़ से काट डाला। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। छोटा भाई फरार हैं। मृतक का परिवार लखनऊ में होने से पुलिस को मामले की तहरीर नहीं मिल सकी। मारा गया बड़ा भाई हिस्ट्रीशीटर था। ग्रामीणों ने बताया कि बड़े भाई ने भी तमंचे से गोली चलाने की कोशिश की लेकिन छोटे भाई ने पहले ही चापड़ से हमला बोल दिया इसलिए गोली नहीं चल पाई।
चंपतपुर गांव निवासी रामेश्वर कुरील (62) अपने भाइयों मजनू, रामाधीन, नन्हें और पुदिया में सबसे बड़ा था। सभी भाइयों के गांव में अलग-अलग मकान हैं पर नन्हें को छोड़कर सभी ने अपनी पैतृक भूमि बेचकर लखनऊ में मकान बना लिए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक रामेश्वर को कुछ साल पहले चंदिका गांव के निकट पांच बिसवा भूमि पट्टे की रूप में मिली थी। रामेश्वर की पत्नी की मौत हो चुकी है। चार बेटियों में दो की शादी हो चुकी है। अविवाहित पुत्रियों की शादी के लिए वह अपनी पट्टेवाली भूमि को बेचना चाह रहा था। इसके लिए वह 2 जनवरी को लखनऊ से अकेले गांव स्थित मकान में आया था। बुधवार शाम सामने के मकान में रह रहे नन्हें से नाली विवाद पर उसकी कहासुनी हो गई।
नन्हें घर के बाहर गंदे पानी के निकासी के लिए सड़क के बीचोबीच नाली खोद रहा था, जबकि रामेश्वर का कहना था कि अपने घर से सटाकर ही नाली बनाई जाए। इस पर दोनों में कहासुनी होने लगी। इस पर नन्हें ने रामेश्वर पर चापड़ से हमला कर दिया। सिर पर ताबड़तोड़ वार से रामेश्वर की मौके पर ही मौत हो गई। नन्हें मौके से भाग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ कर मामले की जानकारी रामेश्वर के लखनऊ स्थित परिवारीजनों को दी। देर रात तक मृतक के परिजन चंपतपुर नहीं पहुंच सके थे। एसओ राकेश यादव ने बताया कि आरोपी नन्हें की तलाश की जा रही है। रामेश्वर हिस्ट्रीशीटर था, थाने में रामेश्वर के विरुद्ध कई मामले दर्ज हैं। घटना केे बाद नन्हें का परिवार भी फरार है।
दो दिनों से भाइयों में हो रहा था झगड़ा
ग्रामीणों के मुताबिक नाली विवाद को लेकर मंगलवार को भी रामेश्वर और नन्हें में विवाद हुआ था। जिसकी जानकारी पर एक अन्य भाई मजनू लखनऊ से बुधवार को ही गांव आया था। झगड़े के दौरान उसने बीचबचाव का प्रयास भी किया था, लेकिन रामेश्वर को नहीं बचा सका।