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नीम के पेड़ से लटका था बुजुर्ग महिला का शव, रस्सी से बंधे मिले दोनों पैर

Tue, 19 Sep 2017 10:04 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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घटनास्थल का निरीक्षण करते सीओ सुबोध गौतम, मृतका बिद्दन की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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बुंदेलखंड उरई के कालपी कोतवाली क्षेत्र के रायड़ दिवारा गांव में खेत की रखवाली करने गई वृद्धा का शव पेड़ से लटका मिला। उसके दोनों पैर रस्सी से बंधे थे। सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने शव पेड़ से लटका देखा तो परिजनों व पुलिस को सूचना दी। कालपी इंस्पेक्टर संजय गुप्ता ने कहा कि अभी हत्या की वजह स्पष्ट नहीं है, जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। 
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ग्राम रायड़ दिवारा निवासी बिद्दन देवी (60) पत्नी रामकरन सोमवार शाम खेत पर रखवाली करने लिए घर से निकली थी। मंगलवार सुबह ग्रामीण जब टहलने निकले तो उन्होंने उसका शव गांव के महावीर निषाद के खेत पर लगे नीम के पेड़ से लटका देखा और उसके दोनों पैर रस्सी से बंधे थे। उन्होंने बिद्दन के भाई लक्ष्मीनारायण को सूचना दी। हत्या की खबर पाकर ग्रामीण व परिजन महावीर के खेत में इकट्ठा हो गए। वहीं ग्रामीणों की सूचना पर रायड़ दिवारा पहुंची पुलिस ने शव फंदे से उतारा।   बिद्दन के दोनों पैर रस्सी से बंधे थे और रस्सी के ही फंदे से उसका शव लटका हुआ था। बताते हैं कि बिद्दन के दो भाई लक्ष्मी नारायण और राजेंद्र भी रियाड़ गांव में रहते हैं। बिद्दन के भाई लक्ष्मीनारायण और राजेंद्र ने बताया कि उनकी बहन रोज खेत में लगे टयूबवेल पर ही सोती थी। उससे काफी कहा जाता था लेकिन वह घर में नहीं रुकती थी। वह घर से खाना खाकर खेती रखवाली करने के लिए कहकर जाती और रोज रात में वहीं सोती थी। सुबह छह सात बजे तक वह घर आ जाती थी।
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    सीओ सुबोध गौतम ने बताया कि परिजनों के अनुसार बिद्दन के पास एक एकड़ जमीन का सरकारी पट्टा था। उस पर गांव के ही चंद्रभान और धनीराम ने कब्जा कर रखा है। इसकी शिकायत बिद्दन ने कई बार तहसील दिवस में की है। इसके अलावा डीएम को भी प्रार्थना पत्र दिया है। कहा कि हत्या के खुलासे के लिए जमीन के इस विवाद के अलावा कुछ अन्य बिंदुओं पर भी जांच पड़ताल की जा रही है। 
सुबह दिखा शव, शाम को पहुंची फोरेंसिक टीम
बिद्दन की हत्या सोमवार देर रात होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि उसका शव मंगलवार सुबह देखा गया। इसके बाद पुलिस की कार्यशैली ऐसी रही कि मंगलवार की शाम फोरेंसिक टीम के साथ एसपी अमरेंद्र सिंह और सीओ घटनास्थल पहुंचे। 

झाड़ियों में तलाशा गया आलाकत्ल
बिद्दन के हाथ पैर बांधकर हत्या की गई है, फिर उसके हाथ की रस्सी का ही फंदा उसके गले में डालकर शव पेड़ से लटकाया गया है। इसलिए पुलिस पेड़ के आसपास की झाड़ियों में पूरे दिन गला घोंटने वाली रस्सी अथवा तार तलाशती रही लेकिन उसके हाथ कुछ नहीं लगा। 

मायके में रहती थी बिद्दन
बिद्दन की शादी कानपुर देहात के मूसानगर के रामकरन से हुई थी लेकिन 40 साल पहले उसका पति रामकरन से किसी बात पर विवाद हो गया था। तबसे बिद्दन वहां से अपने मायके राउड़ दिवारा आ गई। इसके बाद वह कभी मूसानगर नहीं गई। उसके कोई औलाद भी नहीं है। 
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