जालौन के दिनेश पांडेय की मौत केे बाद उस पर दर्ज किए जा रहे मुकदमे किसी-किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। तीन साल पहले दिनेश की हत्या हो जाती है। लगातार उसके नाम से अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज कराए जाते रहे। एसडीएम कोर्ट से जमानत भी मिलती रही। जालौन और कानपुर देहात जिले में कई मुकदमे मृतक दिनेश के ऊपर दर्ज हैं। मृतक के परिवारीजनों ने इस मामले की डीएम व एसपी से शिकायत की तो पुलिस की लापरवाही का खुलासा हुआ। एसडीएम भोगनीपुर व एसडीएम उरई ने चालान भेजने वाले संबंधित थानों के थानाध्यक्षों से मृतक के खिलाफ स्पष्टीकरण तलब कर रिपोर्ट मांगी है। इस खुलासे से हड़कंप मचा हुआ है। जालौन जिले के थाना सिरसा कलार क्षेत्र के गांव जहटौली निवासी दिनेश कुमार पांडेय (35) पुत्र जमुना प्रसाद पांडेय, उरई में प्रापर्टी डीलिंग का काम करता था। सहयोग के लिए गांव चकजगदेवपुर निवासी देवेंद्र यादव उर्फ दाऊ को साथ में रखा था। दिनेश प्रापर्टी डिलिंग का पैसा देवेंद्र यादव के पास रख देता था। 16 नवंबर 2013 को लेन-देन में दिनेश और देवेंद्र के बीच मनमुटाव हुआ। देवेंद्र नाराज हो गया। उसने अपने साथी अजय सिंह उर्फ चिंटू राजावत पुत्र इंद्रजीत सिंह निवासी हालमुकाम चकजगदेवपुर थाना उरई जालौन व चरन सिंह निवासी अटरिया, जालौन के साथ योजना बनाकर दिनेश पांडेय की गोलीमारकर हत्या कर दी थी। घटना छिपाने के लिए शव थाना एट थाने के गांव पिरौना नहर के पास फेंक दिया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव मुस्लिम समाज के युवक का होने की आशंका में दफना दिया।
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कब्र से लाश निकालकर कराई गई शिनाख्त
दिनेश की मौत बनी सबसे बड़ा रहस्य
डेरापुर में एसडीएम व सीओ की मौजूदगी में शव को कब्र से निकालकर शिनाख्त कराई तो मृतक के भाई एवं परिवारीजनों ने दिनेश की पुष्टि की थी। मृतक के भाई शिक्षक सुरेश पांडेय की तहरीर के आधार पर देवेंद्र यादव उर्फ दाऊ पुत्र करन सिंह ,अजय सिंह उर्फ चिंटू राजावत पुत्र इंद्रजीत सिंह निवासी हालमुकाम चकजगदेवपुर थाना उरई जालौन व चरन सिंह निवासी अटरिया जनपद जालौन के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जिला जज की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष की ओर से दिनेश की हत्या के बाद उरई व कानपुर देहात के परगना मजिस्ट्रेट के न्यायालय में वर्ष 2015 में शांति भंग के आरोप में जमानत कराने संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराकर आरोप झूठा होने की बात कही। इस घटना ने नया रूप ले लिया। पुलिस की जांच दूसरी तरफ घूमी।
मरने के बाद भी दर्ज होते रहे दिनेश पर मुकदमे
मर्डर मिस्ट्री
मृतक के भाई सुरेश पांडेय ने तहसील दिवस डेरापुर में डीएम व एसपी को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसके मृतक भाई दिनेश पांडेय के खिलाफ थाना भोगनीपुर में 13 मई 2015 को महिपाल सिंह निवासी सुल्तनापुर ने मनोज कुमार पुत्र सोवरन सिंह व दिनेश कुमार पुत्र जमुना प्रसाद के खिलाफ मारपीट की एनसीआर दर्ज कराई। पुलिस ने बगैर जांच किए एसडीएम भोगनीपुर के न्यायालय में दोनों आरोपियों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई करके चालानी रिपोर्ट भेज दी।
एसडीएम न्यायालय से आरोपी मनोज व मृतक आरोपी दिनेश पांडेय को जमानत दे दी गई। थाना डेरापुर थाना में 17 मई 2015 को भी रामके श पुत्र कन्हैया लाला निवासी कथरी थाना सटटी की तहरीर पर पुलिस ने मृतक दिनेश कुमार पुत्र जमुना प्रसाद निवासी जहटौली थाना सिरसा कलार, जालौन व अवधेश पुत्र भूप सिंह निवासी सनिहांपुर थाना डेरापुर के विरूद्ध मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी प्रकार जिला उरई के कोतवाली दरोगा राम नरेश यादव ने एक एक पक्षीय चालानी रिपोर्ट 21 अक्टूबर 2016 को सुरेश कुमार पांडेय व मृतक दिनेश कुमार पांडेय के नाम से एसडीएम उरई के न्यायालय भेजी थी। उक्त चालानी रिपोर्ट में भी दोनों व्यक्तियों के नाम धारा 111 का नोटिस जारी किया गया । उसके बाद उक्त दोनों व्यक्तियों की ओर से अधिवक्ता द्वारा निजी बंध पत्र व जमानत की शिनाख्त कर प्रस्तुत की गई जो कि न्यायालय की पत्रावली में संलग्न हैं।
थानाध्यक्ष डेरापुर मो. फाजिल सिद्दीकी ने कहा कि तहसील दिवस में आए प्रार्थनापत्र पर डीएम ने मुझसे रिपोर्ट मांगी थी। थाने में दिनेश पांडेय के खिलाफ 323, 504 दर्ज मुकदमे की जानकारी दी गई लेकिन आजतक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह मामला काफी पेचीदा है। मृतक के बड़े भाई सुरेश पांडेय ने बताया कि दिनेश के हत्यारोपी अपना बचाव करने के लिए उसको जिंदा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। साजिश के तहत थानो में झूठे मुकदमे पंजीकृत करवाए गए। इसकी शिकायत उसने खुद तहसील दिवस में की है।