मारपीट के मामले में समझौता कराने ग्वालटोली थाने पहुंचे प्रधान के पुत्र को एसओ ने लात मारकर कुर्सी से गिरा दिया और जमकर पीटा। इसका पता चलने पर आक्रोशित महिला प्रधान ने सैकड़ों समर्थकों के साथ एसएसपी आवास का घेराव कर हंगामा किया। इस दौरान वहां मौजूद ग्वालटोली एसओ को घेरकर महिलाओं ने मारपीट शुरू कर दी।
एसओ ने किसी तरह भागकर जान बचाई। दो घंटे तक हंगामा-बवाल, जाम के बाद एसएसपी शलभ माथुर ने कार्रवाई का आश्वासन देकर भीड़ को शांत कराया। देर रात एसआे को लाइन हाजिर करके सीओ कोतवाली को मामले की जांच सौंपी।
देवनीपुरवा-लोधवाखेड़ा कटरी निवासी निर्मला देवी ग्राम प्रधान हैं। गुरुवार को गांव की अनीता और सियादुलारी में गोबर डालने पर मारपीट हो गई थी। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ ग्वालटोली थाने में तहरीर दी थी। शुक्रवार को मामले में समझौता कराने पहुंचे प्रधान के बेटे रवि निषाद चौकी इंचार्ज रोशन लाल के साथ थाने में बैठे थे।
आरोप है कि इसी दौरान थाने पहुंचे एसओ शाहिद सिद्दीकी ने कुर्सी पर बैठे रवि को गुंडा कहते हुए लात मारकर जमीन पर गिरा दिया और जमकर पीटा। चौकी इंचार्ज ने बचाने का प्रयास किया तो उन्हें भी धकिया दिया। मामले की जानकारी मिलते ही प्रधान निर्मला, पति अशोक कुमार, 12 गांवों के प्रधान और सैकड़ों महिलाओं के साथ थाने पहुंच गईं तो एसओ थाने से भाग निकले। इसके बाद आक्रोशित महिलाएं एसएसपी आवास पहुंच गईं और सड़क पर जाम लगा दिया।
इसी दौरान एसओ भी वहां पहुंच गए तो महिलाओं ने मारपीट करने के साथ ही उनकी कैप उतारकर फेंक दी। वहां मौजूद सीओ कर्नलगंज संजीव दीक्षित, सीओ कोतवाली सहित कई थानों की फोर्स ने एसओ को बचाया और वहां से हटा दिया। बाद में सपा विधायक मुनींद्र शुक्ला भी पहुंचे और एसएसपी शलभ माथुर से मिलकर एसओ को सस्पेंड करने की मांग की। इस पर एसएसपी ने मामले की जांच सीओ कोतवाली को सौंपते हुए एसओ को लाइन हाजिर कर दिया।
पीड़ित पर रिपोर्ट दर्ज कर 35 हजार मांगे
प्रधान निर्मला का आरोप है कि गांव की महिला अनीता का गांव की ही सियादुलारी से झगड़ा हुआ था। आरोप है कि सियादुलारी के पति ने अनीता को पीटा और उसके कपड़े भी फाड़ दिए। इसके बाद एसओ ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए अनीता पर ही एनसीआर दर्ज कर दी और समझौते के लिए 35 हजार रुपये मांगे।