फोटो नंबर-12- औरैया जाते समय उन्नाव में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लखनऊ आगरा एक्सप्रेस-वे पर रोक कर हिरासत में लेती पुलिस।
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औरैया जाते अखिलेश उन्नाव में गिरफ्तार
क्रासर-
औरैया के बवाल में गिरफ्तार पूर्व सांसद प्रदीप यादव को भेजा गया इटावा जेल
पूर्व सीएम की गिरफ्तारी पर सपाइयों ने किया पथराव, एएसपी की गाड़ी टूटी
अखिलेश समेत कई सपाइयों पर शांतिभंग की कार्रवाई, निजी मुचलके पर छोड़े गए
पूर्व मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी के विरोध में कई जिलों में हुए धरना-प्रदर्शन व रोड जाम
अमर उजाला ब्यूरो
औरैया/ उन्नाव। औरैया जिला पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव के नामांकन के दौरान बुधवार को हुए उपद्रव ने सूबे का सियासी माहौल गरमा दिया है। गुरुवार को औरैया जा रहे पूर्व सीएम अखिलेश यादव को उन्नाव के हसनगंज में गिरफ्तार कर लिया गया। इस पर सपाइयों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर इनको तितर-बितर किया। पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री समेत 25 नामजद एवं 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की। पूर्व सीएम को गिरफ्तार कर कृषि अनुसंधान केंद्र लाया गया। यहां निजी मुचलका भरवाया गया और करीब दो घंटे बाद सपा अध्यक्ष को मोहान के रास्ते लखनऊ सीमा पर छोड़ दिया गया। पूर्व सीएम की गिरफ्तारी के विरोध में कई िजिलों में सपाइयों ने प्रदर्शन किया। दूसरी ओर औरैया में बुधवार को गिरफ्तार पूर्व सांसद प्रदीप यादव को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में इटावा जेल भेज दिया गया।
औरैया में जिला पंचायत अध्यक्ष के उपचुनाव के नामांकन के दौरान हुए बवाल का असर गुरुवार को भी दिखा। इस मामले में कन्नौज के पूर्व सांसद एवं दिबियापुर के पूर्व विधायक प्रदीप यादव सहित 11 लोगों को नामजद एवं एक हजार अज्ञात लोगों पर अलग- अलग चार रिपोर्ट दर्ज कराई गई हैं। इसमें दिबियापुर थाने के सिपाही शिवसिंह ने मारपीट करने, उपनिरीक्षक राकेश यादव ने बवाल करने, गरौठा से भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत के भाई राकेश राजपूत ने जान से मारने की नीयत से गाड़ी में आग लगाने, सहायल थानाध्यक्ष ने शांतिभंग की रिपोर्ट लिखाई है। गुरुवार को सपाइयों ने बेला में प्रदर्शन किया।
दूसरी ओर औरैया आ रहे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हसनगंज सीमा में मटरिया गांव के पास निर्माणाधीन टोलप्लाजा के नजदीक रोक लिया गया। इस पर उनके साथ चल रहे सपाइयों ने हंगामा व पथराव किया। पत्थर लगने से एएसपी अष्टभुजा प्रसाद की गाड़ी का शीशा टूट गया। पुलिस ने हल्का बल कर सपाइयों को तितर-बितर किया, फिर पूर्व सीएम को मटरिया से लगभग छह किलोमीटर दूर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र लाया गया। पुलिस ने अखिलेश यादव, सपा के पूर्व मंत्री राजेंद्र चौधरी समेत 25 ज्ञात और 150 अज्ञात के खिलाफ शांतिभंग का मुकदमा दर्ज किया। बाद में उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
इस दौरान पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार पुलिस के बल पर गुंडागर्दी कर रही है। औरैया में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के उपचुनाव में भाजपा के लोग सपा प्रत्याशी का नामांकन ही नहीं होने देना चाहते थे। भाजपा के लोग पुलिस के जरिए जिला पंचायत सदस्यों पर दबाव बना रहे हैं। जिन सदस्यों का समर्थन नहीं मिल रहा है, उनके परिवार के लोगों को उठाया जा रहा है।
इंसेट-
कई जिलों में हुए विरोध प्रदर्शन
कानपुर। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सपाइयों ने कई जिलों में प्रदर्शन किया। बांदा में पूर्व विधायक विशंभर सिंह यादव और सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी के नेतृत्व में सपाइयों ने कलक्ट्रेट के पास प्रदर्शन कर सीएम योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंका। हाईवे पर धरना देकर जाम लगाया। पुलिस ने तमाम सपाइयों को हिरासत में ले लिया। चित्रकूट में जिलाध्यक्ष अनुज सिंह यादव के नेतृत्व में सपाइयों ने जुलूस निकाला और रास्ता जाम किया। पुलिस ने पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल समेत कुल 80 कार्यकर्ताओं को शांतिभंग में गिरफ्तार कर लिया। बाद में निजी मुचलके पर रिहा किया। हमीरपुर में भी प्रदर्शन कर रहे कई सपाइयों को शांतिभंग में गिरफ्तार कर निजी मुचकले पर छोड़ा गया। उरई में पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी धीरेंद्र यादव की अगुवाई में औरैया जा रहे सपाइयों को सिकंदरा के पास पुलिस ने रोक लिया। औरैया में प्रदीप यादव से मिलने जाने वाले सपाइयों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर निजी मुचलके पर छोड़ा। फर्रुखाबाद में सपाइयों ने प्रदर्शन किया तो कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर धरना दिया। हरदोई में 64 सपाइयों ने गिरफ्तारी दी। इन्हें शाम को रिहा किया गया।