महोबा। जिला अस्पताल में मंगलवार की रात आधा दर्जन से अधिक दबंगों ने जमकर उपद्रव किया और वार्ड में मौजूद कर्मचारियाें के साथ मारपीट कर फायर भी झोंका, मगर गोली मिस कर गई। इतना ही नहीं अस्पताल गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया। सूचना पर अपर जिलाधिकारी, एसडीएम, सीओ सदर व कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दो नामजद वह छह अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
जिला अस्पताल में मंगलवार रात स्टाप नर्स व सुनील सिंह तोमर ड्यूटी कक्ष में मरीजों की इंट्री कर रहे थे। तभी आधा दर्जन से अधिक युवक कक्ष में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए धमकी दी। विरोध करने पर दबंगों ने सुनील सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी और तमंचा अड़ाकर जान से मारने की नियत से फायर कर दिया।
गोली मिस होने से कर्मचारी की जान बच गई। इस दौरान मौजूद कर्मचारी विवेक दास, ठाकुरदास व अजय ने बीच बचाव किया तो उनके साथ भी मारपीट कर दबंग जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। दबंगों का उपद्रव देखकर अस्पताल के वार्डों में मरीज और तीमारदार सहम गए।
घटना को अंजाम देने के बाद दबंग अस्पताल गेट पर लगा सीसीटीवी कैमरा तोड़ते हुए गए। सूचना मिलते ही अपर जिलाधिकारी आनंद कुमार, उपजिलाधिकारी जंग बहादुर यादव, सीओ सदर जितेंद्र दुबे, कोतवाली प्रभारी उमेश कुमार अस्पताल पहुंच गए और जांच की। अफसरों ने पीड़ित कर्मचारियों के बयान लिए।
उन्होंने बताया कि मारपीट के दौरान दबंगों ने सरकारी अभिलेख भी तहस नहस कर दिए। सुनील सिंह तोमर की तहरीर पर राजदीप तिवारी, अमित और दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी उमेश कुमार का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
मौके पर नहीं पहुंचे सीएमओ व सीएमएस
जिला अस्पताल के अंदर दबंगों ने कर्मचारियों से मारपीट व तोड़फोड़ की। इस घटना के दो घंटे बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। प्रशासनिक अफसरों ने सीएमओ व सीएमएस के मौके पर न आने नाराजगी जताई है। उन्हाेंने सीएमएस को फोन कर जानकारी ली तो उन्होंने बाहर जाने की बात बताई और डा. आरपी मिश्रा को चार्ज दिए जाने का हवाला दिया।
अस्पताल में सुरक्षा के नहीं इंतजाम
जिला अस्पताल में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। यही वजह है कि शाम से ही अस्पताल में अराजकतत्वाें का जमावड़ा लग जाता है। ड्यूटी कक्ष से लेकर वार्डों में बेहिचक प्रवेश करने वाले अराजकतत्वों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हेाती है। यही वजह है कि आए दिन कर्मचारियों व मरीजों के साथ ऐसी घटनाएं हो रही है।
-गोली मिस होने से बची कर्मचारी की जान, सीसीटीवी कैमरा भी तोड़ा
-एडीएम, एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंचे, दो नामजद व छह अन्य पर रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो