जालौन के लिए खास
(संशोधित)
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एसटीएफ की कार्रवाई:
नौकरी का झांसा दे ठगी करने वाला फर्जी आईबी अफसर गिरफ्तार
- शहर के छह लोगों से ऐंठे हैं 72 लाख रुपये, जूही थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा
- मुंबई की एक निजी नवल एकेडमी में 18 दिन की ट्रेनिंग कराई, फर्जी नियुक्ति पत्र देकर हुआ फरार
अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर। आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) में नौकरी लगवाने का झांसा देकर छह लोगों से 72 लाख रुपये ठगने वाले फर्जी आईबी अफसर आकाश कुमार गुप्ता को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। जूही क्षेत्र से पकड़े गए आकाश ने सभी की मुंबई की एक निजी नवल एकेडमी में 18 दिन की ट्रेनिंग करवाई। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र देकर फरार हो गया था। एसटीएफ ने आकाश के खाते में मिले लाखों रुपये सीज करवा दिए हैं।
नौबस्ता हंसपुरम निवासी सभाजीत ने 10 दिसंबर 2018 को जूही थाने में आरोपी के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि आकाश कुमार गुप्ता ने वीरेंद्र कुमार, अमित कुमार, वीरेंद्र प्रताप सिंह, शशिकांत, जयचंद और सौरभ पांडेय से आईबी में नौकरी लगवाने के नाम पर 12-12 लाख रुपये लेकर फरार हो गया है। इसके बाद लखनऊ एसटीएफ ने जांच शुरू की थी। एसटीएफ डिप्टी एसपी पीके मिश्रा ने बताया कि पीड़ितों ने कुछ मोबाइल नंबर उपलब्ध करवाए थे। उनकी मदद से आकाश की लोकेशन गुरुवार को जूही में पाई गई। वह एक अन्य युवक को ठगी का शिकार बनाने आया था। तभी उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आकाश मूलरूप से राजेंद्र नगर कस्बा, थाना रामपुरा, जालौन का रहने वाला है। मौजूदा समय में मुंबई में रह रहा था।
ट्रेनिंग देकर दिए थे नियुक्ति पत्र
आकाश ने बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया। डिप्टी एसपी पीके मिश्रा के मुताबिक जून 2017 में इन सभी पीड़ितों से पैसे वसूले थे। उसके बाद दिसंबर 2017 में सभी को साक्षात्कार और ट्रेनिंग दिलवाने के नाम पर मुंबई ले गया। यहां पर सभी को 25 दिनों तक जोगेश्वरी गेस्ट हाउस में ठहराया। साथ ही कोलाबा स्थित एक निजी नवल एकेडमी में 18-18 दिन की ट्रेनिंग करवाई। सभी को बेसिक कोर्स भी करवाया। उसके बाद सभी को नियुक्ति पत्र थमा दिए। एक सप्ताह बाद जब सभी नौकरी जॉइन करने पहुंचे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद से आकाश ने अपना नंबर बंद कर लिया।
तो सीआईएसएफ जवान था सरगना!
एसटीएफ के मुताबिक आकाश अपनी पत्नी के साथ मुंबई के मलाड़ में रहता है। दोनों रेस्टोरेंट बार में गाना गाते हैं। 2015 में एक रेस्टोरेंट में उसकी मुलाकात स्वतंत्र कुमार शर्मा नाम के युवक से हुई थी। आकाश ने बताया कि स्वतंत्र कुमार खुद को सीआईएसएफ का जवान बताया था और मुंबई एयरपोर्ट पर तैनाती बताई थी। आकाश के मुताबिक उसी के कहने पर वे लोग खुद को आईबी अधिकारी बताकर युवाओं को मुंबई ले जाते थे। आकाश ने बताया कि जून 2018 में स्वतंत्र की मौत हो चुकी है। एसटीएफ इस तथ्य का सत्यापन करवा रही है। एसटीएफ को आशंका है कि स्वतंत्र जीवित भी हो सकता है।
20 प्रतिशत मिलता था कमीशन
एसटीएफ ने जब जांच की तो पता चला कि ठगी की पूरी रकम सीधे स्वतंत्र कुमार शर्मा के खाते में जमा होती थी। उसके बाद स्वतंत्र आकाश को उसका 20 प्रतिशत हिस्सा देता था। कानपुर में सबसे पहले आकाश ने सभाजीत और अनिल सोनकर से संपर्क किया था। इसके बाद सभाजीत और अनिल के मिलने वाले छह लोग आकाश को 12-12 लाख रुपये थमा बैठे।
कोट
आरोपी आईबी अधिकारी बनकर ठगी करता था। अब तक छह लोगों से ठगी किए जाने की पुष्टि हो चुकी है। जिस तरह से वह कई वर्षों से सक्रिय है, उससे आशंका है कि और कई लोग उसके जाल में फंसकर ठगी का शिकार हो चुके हैं। जांच की जा रही है।
- अभिषेक सिंह, एसएसपी, एसटीएफ