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जिला सहकारी बैंक की बैठक से पहले बवाल, चलीं कुर्सियां, पथराव

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फर्रुखाबाद। जिला सहकारी बैंक की बैठक से पहले रविवार सुबह बिना पहचान पत्र के अंदर जाने को लेकर बवाल हो गया। भाजपाइयों का कहना था कि बिना पहचान पत्र दिखाए कोई अंदर नहीं जाएगा। इस पर मारपीट हो गई। देखते ही देखते कुर्सियां और ईंट-पत्थर चलने लगे। एक डायरेक्टर व भाजपा नेता लहूलुहान हो गए। भगदड़ में गिरने से शाखा प्रबंधक का पैर टूट गया और कई लोग चुटहिल हो गए। पूर्व सांसद की कार के शीशे तोड़ दिए। एक सपाई व एक सिपाही को भाजपाइयों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इसके बाद एएसपी फोर्स साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला।
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जिला सहकारी बैंक की आमसभा की बैठक के लिए बैंक के पीछे परिसर में पंडाल लगाकर सभास्थल बनाया गया। सुबह 11 बजे से बैठक होनी थी। सुबह डेलीगेट उपस्थिति प्रपत्र भर रहे थे। सहकारी बैंक पर कई दशकों से सपा नेता पूर्व सांसद छोटे सिंह यादव काबिज हैं। अब सहकारी बैंक भाजपा समर्थकों के निशाने पर है।
भाजपा नेता सहकारी संघ प्रतिनिधि विमल कटियार की शिकायतों पर कराई गई जांच में सात डायरेक्टर हटाए जा चुके हैं। चार संचालकों के खिलाफ भी शिकायतें हैं। सुबह बैठक से पूर्व डेलीगेट एजेंडा और पहचानपत्र देखकर उपस्थिति दर्ज की जा रही थी। इसी बीच भाजपा नेता विमल कटियार ने बिना पहचानपत्र उपस्थिति दर्ज कराने पर आपत्ति की। इसको लेकर भाजपा व सपा समर्थकों में विवाद हो गया। विमल कटियार से हाथापाई होते ही दोनों पक्षों में मारपीट के साथ कुर्सियां चलने लगीं। ईंट-पत्थर भी खूब चलाए गए।
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इसमें भाजपा के फतेहगढ़ मंडल अध्यक्ष रामवीर सिंह चौहान, जनपद कन्नौज की इंदरगढ़ सहकारी बैंक के डायरेक्टर दिगंबर सिंह सिर में पत्थर लगने से घायल हो गए। भगदड़ में गिरने से मोहम्मदाबाद के सहकारी बैंक शाखा प्रबंधक राजीव कुमार का पैर टूट गया व कई लोग चुटहिल हो गए। युवकों ने भोजन के लिए लगे स्टाल पलट दिए। माहौल देख बैंक अध्यक्ष मनोरमा यादव, उनके ससुर पूर्व सांसद व बैंक उपाध्यक्ष छोटे सिंह यादव व डायरेक्टर दिगंबर सिंह ने बैंक के अंदर घुसकर जान बचाई। परिसर से बाहर निकली भीड़ ने जमकर पथराव किया और पूर्व सांसद की कार के शीशे तोड़ दिए।

इसी बीच सपा समर्थक युवक व एक सिपाही को देख भाजपाई उनकी ओर दौड़े और भाजपा मंडल अध्यक्ष को घायल करने का आरोप लगाकर दोनों को मुख्य मार्ग पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। अन्य पुलिस कर्मियों ने किसी तरह उन्हें छुड़ाया।

बवाल की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट रामअक्षयवर चौहान कई थानों के फोर्स व सभी सीओ के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। उपद्रवी उनके सामने भी रुकने को तैयार नहीं थे। करीब डेढ़ घंटे बाद स्थिति को अधिकारी संभाल सके। भाजपा सांसद मुकेश राजपूत, सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी व भाजपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल व प्रशासनिक अधिकारियों का दबाव बनने पर आखिरकार बैठक स्थगित कर दी गई।
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