अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। बगैर डाक्टरी और प्राथमिक उपचार के जेल अधिकारियों ने मुठभेड़ में दबोचे गए घायल डकैत को जेल में दाखिला देने से इनकार कर दिया। इस पर चित्रकूट जिले की पुलिस ने घायल डकैत को रातभर जिला अस्पताल में रखा। सोमवार को प्राथमिक उपचार और मेडिकल परीक्षण के बाद जेल में दाखिल किया।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के जमुनिहाई जंगल में शनिवार को सुबह साढ़े पांच लाख के इनामी डकैत बबुली कोल गैंग के हार्डकोर सदस्य और 30 हजार रुपये का ईनामी जियालाल कोल को मुठभेड़ में गोली लगने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। चित्रकूट जिला अस्पताल में घायल डकैत का इलाज कराया गया।
रविवार को शाम चित्रकूट पुलिस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसे लेकर यहां मंडल कारागार आई। जेल डाक्टर के परीक्षण के बाद घायल डकैत को कारागार में रखने से जेल अधिकारियों ने इनकार कर दिया। घायल को साथ लेकर आए पुलिस और जेल अधिकारियों के बीच देर तक वार्ता चली, लेकिन जेल अधिकारी नहीं माने।
चित्रकूट पुलिस उसे लेकर यहां से जिला अस्पताल पहुंची और अस्पताल के प्राइवेट वार्ड नंबर-4 में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा। एसपी शालिनी और नगर पुलिस उपाधीक्षक राघवेंद्र सिंह ने भी सुरक्षा का जायजा लिया। सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को अलर्ट रहने को कहा।
सोमवार को सुबह जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार और मेडिकल परीक्षण के बाद उसे मंडल कारागार भेज दिया। प्रभारी जेलर तारकेश्वर सिंह ने बताया कि घायल डकैत को फिलहाल अलग बैरक में रखा गया है। दो बंदी रक्षकों उस पर नजर रख रहे हैं।