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18 दिन के नवजात को छत से फेंका

Mon, 05 Sep 2016 07:42 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, कानपुर
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अस्पताल में भर्ती मासूम अनमोल
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बेटा न होने की जलन में जेठानी के 18 दिन के बच्चे को देवरानी ने अस्पताल की दूसरी मंजिल से फेंक दिया। सोमवार सुबह बच्चे को बेड पर न पाकर अस्पताल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो पता चला कि बगल के बंद पड़े मकान के जाल पर बच्चा पड़ा है। इस पर वार्ड ब्वाय ने बीस फीट नीचे जाल पर छलांग लगाकर उसकी जान बचाई। बच्चे को आईसीयू में भर्ती किया गया है। उधर घटना की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। घटना के पीछे देवरानी के दो पुत्रों को लेकर जलन की बात सामने आई है।  
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ग्राम मन्नापुरवा थाना इंदरगढ़ कन्नौज निवासी किसान दिनेश ने अपने बड़े भाई सर्वेश के 14 दिन के बच्चे अनमोल को 31 अगस्त को कल्याणपुर के श्याम चिल्ड्रेन एंड मैटरनिटी सेंटर में भर्ती कराया था। रात को बच्चे के पास दिनेश की पत्नी सरिता रुकती थी। सोमवार सुबह छह बजे सरिता ने अस्पताल से बच्चे के गायब होने की जानकारी दी तो हड़कंप मच गया। हास्पिटल का पूरा स्टाफ बच्चे को तलाशने में जुट गया। अस्पताल मालिक डॉक्टर केके डोकनिया ने सीसीटीवी फुटेज चेक कराए। सीसीटीवी में सुबह के चार बजे सरिता खुद बच्चे को शॉल में लपेट कर वार्ड से निकलते नजर आई। बरामदा पार कर पीछे के मकान में बच्चा फेंकती सरिता ही नजर आई। इसके बाद अस्पताल का स्टाफ दूसरी मंजिल की ओर भागा। बगल के बंद पड़े मकान के लोहे के जाल पर बच्चा पड़ा दिखाई दिया। इस पर वार्ड ब्वाय पंकज बीस फीट नीचे जाल पर कूद गया। इसी बीच मकान में रहने वाला व्यक्ति भी पहुंच गया। आनन फानन में वार्ड ब्वाय ने मकान का दरवाजा खुलवाया और बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा। चेकअप के बाद डॉक्टर ने बच्चे को आईसीयू भेज दिया। मामले की सच्चाई पता चलने पर वार्ड ब्वाय पंकज ने आरोपी महिला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। कल्याणपुर एसओ राजदेव प्रजापति ने बताया कि आरोपी महिला को हिरासत में लिया गया है।
जाको राखे साईयां, मार सके न कोय
सरिता ने अनमोल को जान से खत्म करने के इरादे से दुमंजिले से नीचे फेंका था। अंधेरा होने के चलते सरिता देख नहीं पाई कि वह जहां बच्चे को फेंक रही है, वहां लोहे का जाल लगा है। सीसीटीवी में दिखा कि वार्ड से निकलते समय सरिता ने अनमोल को शॉल में लपेट रखा था। फेंकते समय शॉल हटा ली थी। सीसीटीवी में भी साफ दिख रहा है कि वार्ड से निकलते समय सरिता की गोद में अनमोल था और लौटते समय वह सिर्फ शॉल लिए हुए थी।
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जेठानी के पुत्रों से जलन में किया हत्या का प्रयास
सरिता की जेठानी रमना का आठ वर्षीय पुत्र गोलू और 18 दिन का अनमोल है। वहीं, सरिता के तीन लड़कियां हैं। इसके चलते वह रमना से जलती थी। अनमोल की तबीयत खराब होने पर रमना ने भरोसा कर सरिता के साथ अपने 14 दिन के बच्चे को भेज दिया। सरिता ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया।
सपना देख बच्चे को नीचे फेंका
पोल खुलने पर सरिता मानसिक रूप से असंतुलित होने की एक्टिंग करने लगी। पूछताछ पर वह कहने लगी कि उसे कुछ सपने में दिखाई दिया। इसके बाद उसने यह कदम उठाया था।
वार्ड ब्वाय जान पर खेल गया 
बच्चे को लोहे के जाल पर पड़ा देख वार्ड ब्वाय पंकज अपनी जान की फिक्र किए बगैर बीस फीट नीचे जाल पर कूद गया। बच्चे को तो पंकज सुरक्षित ले आया लेकिन कूदने में उसका पैर टूट गया। पंकज की ड्यूटी वार्ड में मरीजों की देखभाल करने की है लेकिन मौका पड़ने पर उसने जान की परवाह किए बगैर उसने सच्ची सेवा का परिचय दिया।
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