अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। डेरापुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 7 वर्ष पूर्व दुष्कर्म के मामले में मुकदमा दर्ज कराने के बाद वादी व गवाह दोनों मुकर गए। इस पर अदालत ने दोनों को 15-15 दिन का कारावास व पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना क्षेत्र के एक गांव में वर्ष 2012 में महिला के बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में विवेचना के बाद अभियुक्त के खिलाफ विवेचक ने आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम प्रवीण कुमार पांडेय की अदालत में चल रही थी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रमा कटियार ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने बाद वादी ने विवेचक का सर्मथन कर बयान दिया लेकिन अदालत में घटना का समर्थन नहीं किया वहीं गवाह भी मुकर गया। इस पर अदालत ने दोनों को 15-15 दिन का साधारण कारावास व पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोनो को तीन-तीन दिन का अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
बलात्कार के आरोप से मुकरी, कोर्ट ने सुनाई सजा
गवाह को भी पंद्रह दिन के कारावास की सजा
वर्ष 2015 में महिला ने दर्ज कराया था मुकदमा