अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात। बिल्हौर थाना क्षेत्र के राजेपुर गांव में 11 वर्ष पहले हुई हत्या के मामले में अदालत ने पिता, पुत्र सहित तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्यारों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने एक आरोपी को बरी कर दिया।
शासकीय अधिवक्ता प्रदीप पांडेय के अनुसार 22 अप्रैल 2008 को राजेपुर गांव निवासी जंटर सविता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के भाई रामसागर ने गांव के अमर सिंह, उनके पुत्र संतोष सिंह, परिवार के छविराम और बड़के उर्फ अनिल सिंह के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में रामसागर ने आरोप लगाया था कि भतीजा लवकुश खेतों पर जा रहा था। रास्ते में उसका संतोष से विवाद हो गया था। जंटर इसका उलहना देने गया था, वहां चारों ने घेरकर लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी।
पुलिस ने विवेचना कर चारों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश अष्टम बाबू प्रसाद की अदालत में चल रही थी। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने अमर सिंह, संतोष सिंह और छविराम को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने तीनों हत्यारों को आजीवन कारावास और बीस-बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने अनिल सिंह उर्फ बड़के को दोषमुक्त कर दिया गया।
हत्या में पिता पुत्र समेत तीन को उम्रकैद
11 वर्ष पहले बिल्हौर के राजेपुर गांव में हुई थी वारदात
साक्ष्यों के अभाव में एक आरोपी को कोर्ट ने किया बरी