अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। पुलिस की बेरहमी से छात्र का एक वर्ष बर्बाद होगा। कोतवाली पुलिस ने उसे बोर्ड परीक्षा देने की मोहलत नहीं दी। साथ ही पिटाई ऐसी कर दी कि दो दिन बाद शनिवार को होने वाला दूसरे प्रश्नपत्र की परीक्षा देने के काबिल भी नहीं बचा। परिजनों का कहना है कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
शहर के शंकर नगर निवासी रिटायर्ड डाककर्मी लखनलाल साहू के लगभग 17 वर्षीय पुत्र आयुष साहू को पुलिस ने पड़ोस की एक लड़की के अपहृत हो जाने के मामले में तीन दिन पूर्व पकड़कर कोतवाली में बैठा लिया। यहां उसकी जमकर पिटाई भी हुई। आयुष इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा दे रहा है।
बृहस्पतिवार को उसका रसायन विज्ञान द्वितीय प्रश्न पत्र का पेपर था। पुलिस से तमाम आरजू मिन्नत के बाद भी परीक्षा की मोहलत नहीं मिली। पुलिस अधीक्षक शालिनी तक मामला पहुंचा तो उन्होंने परीक्षा के लिए छोड़ने का निर्देश दिया, फिर भी नहीं छोड़ा।
परिजनों और मीडिया के माध्यम से पुलिस अधीक्षक को अपने आदेशों का अवहेलना की जानकारी मिली तो बृहस्पतिवार शाम वह खुद कोतवाली पहुंची और छात्र आयुष को छुड़वाया। लेकिन तब तक उसकी परीक्षा छूट चुकी थी।
छात्र के पिता ने बताया कि शनिवार को अंग्रेजी विषय का पेपर है, लेकिन पुलिस की पिटाई से उसका पुत्र शायद यह परीक्षा देने की स्थिति में नहीं है। पुत्र का एक साल बर्बाद होने पर वह अधिवक्ताओं से राय लेकर अग्रिम कार्रवाई करेंगे।
उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक हिफजुर्रहमान ने माध्यमिक शिक्षा परिषद के नियमों का हवाला देकर बताया कि इंटर में छूटी परीक्षा दोबारा देने का कोई नियम नहीं है। अलबत्ता छूटे विषय के प्रथम या द्वितीय प्रश्नपत्र की परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए जरूरी अंक मिले तो उस विषय में उत्तीर्ण किया जाता है।
परीक्षा छूटने के बाद पुलिस ने छात्र को छोड़ा
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छात्र के परिजन लड़ेंगे कानूनी लड़ाई