अमर उजाला ब्यूरो
इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश उमेश चंद्र पांडेय ने बालिका के साथ बलात्कार के आरोप में एक अभियुक्त को 12 वर्ष की सजा एवं चार अभियुक्तों को 6 वर्ष की सजा सुनाई। सभी अभियुक्तों पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
घटना 19 जून 2012 की है। थाना क्षेत्र के एक गांव में खेतों पर शौच के लिए गई बालिका को गांव के दीवान पुत्र रामलखन, रामलखन पुत्र साधू, रमेश पुत्र कुबेर पाल बहला फुसला कर भगा ले गए।
इसमें गांव के ही सुभाष ने भी अभियुक्तों की मदद की। बालिका जब वापस नहीं आई तो घर वालों ने उसकी खोजबीन की। गांव के लोगों ने बताया कि अभियुक्तों के साथ जाते उनकी बालिका को देखा है। पिता ने जब अभियुक्तों के घर जाकर पता किया तो उसके साथ मारपीट की गई।
इसके बाद पुलिस रिपोर्ट दर्ज हुई। 29 जून को उनकी पुत्री वापस आई। इसके बाद उसने आपबीती सुनाई। बालिका के बयान के बाद पुलिस ने अपहरण और बलात्कार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता जुबैर तैमूरी ने साक्ष्यों एवं सुबूतों के आधार पर अदालत के समक्ष पैरवी की। बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश उमेश चंद्र पांडेय ने अभियुक्त सुभाष को धारा 376 के तहत 12 वर्ष की सजा एवं 2000 रुपये अर्थदंड, अभियुक्त दीवान, रामलखन, रमेश एवं सुभाष को आईपीसी की धारा 363 के तहत चार वर्ष एवं 366 के तहत 6 वर्ष की सजा सुनाई। 10000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।