चित्रकूट। तिहरे हत्याकांड के बाद यूपी व एमपी पुलिस के लिए 30 हजार के इनामी डाकू ललित पटेल गैंग चुनौती बना है। गैंग के थर पहाड़ के पीछे मौजूद होने पर घेराबंदी की गई, लेकिन गैंग इलाका छोड़कर भाग निकला।
रीवा आईजी व सतना एसपी ने दावा किया है कि गैंग बरौंधा जंगल की ओर भागा है। गैंग का पकड़ने के लिए एक कंपनी एसएएफ के जवान भी जंगल में तैनात कर दिए गए हैं।
जिले की सीमा से सटे थर पहाड़ व खंभरिहा जंगल में बुधवार को रींवा आईजी आशुतोष राय और सतना एसपी मिथलेश शुक्ला दो टीमें बनाकर गैंग को दबोचने के लिए कांबिंग की। गैंग के थर पहाड़ के पीछे मौजूद होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की लेकिन कुछ देर बाद ही गैंग को भनक लग गई और बरौंधा जंगल की ओर भाग निकले।
आईजी ने बताया कि गैंग बरौंधा जंगल की ओर जाने की लोकेशन है। तिहरे हत्याकांड के बाद से इस गैंग को दबोचने के लिए हर प्रयास किए जा रहे हैं। जंगल के आसपास ही इसका डेरा होने के कारण अब सशस्त्र पुलिस बल (एसएएफ) की एक कंपनी तैनात कर दी गई है। जिससे आसपास गांव के लोगों को भी डकैतों का खतरा नहीं रहेगा।
उधर, सतना एसपी ने बताया कि जंगल में मिले तीन कंकाल की शिनाख्त की पुष्टि तो नहीं हुई है, लेकिन इस मामले में डाकू ललित व गैंग के सदस्य नंदी, रज्जन, मंजू व एक अन्य के खिलाफ सामूहिक हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
-थर पहाड़ के पास सख्ती बढ़ी, एक कंपनी एसएएफ तैनात
अमर उजाला ब्यूरो