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रियल स्टेट कंपनी के प्रबंधक पर एफआईआर के निर्देश

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अमर उजाला ब्यूरो
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बांदा। बड़ी संख्या में किसानों और आम लोगों से पूंजी निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाली रियल स्टेट कंपनी ‘कल्पतरू’ के प्रबंध निदेशक, शाखा प्रबंधक व कैशियर के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह संस्था करीब 9 साल से शहर में चल रही थी और पिछले वर्ष ताला डालकर फरार हो गई।

गिरवां थाना क्षेत्र के शिवहद गांव निवासी कंपनी अभिकर्ता कौशल किशोर त्रिपाठी ने 5 फरवरी को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में रियल स्टेट कंपनी कल्पतरू के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए अर्जी दी थी। बताया था कि वर्ष 2009 में कंपनी ने शहर के सिविल लाइन में कार्यालय खोला था। निवेश कराने के लिए जिले भर में अभिकर्ताओं की नियुक्ति की। इनमें अभिकर्ता रेखा ने 60 लाख, लल्लू प्रसाद ने पांच लाख, सुमन देवी व राधेश्याम ने 15-15 लाख, श्यामबाबू ने 22 लाख, केशव प्रसाद ने 5 लाख, साकेत कुमार ने 9 लाख, विद्यारतन ने 4 लाख, भागीरथ ने 50 लाख, राजाबाई ने 13 लाख, बद्री प्रसाद ने 25 लाख, रामजियावन ने 15 लाख, राजेंद्र राजपूत ने 8 लाख, मनोज कुमार तिवारी ने 15 हजार, राजेंद्र विश्वकर्मा ने पांच लाख, कौशल किशोर ने छह लाख रुपये का निवेश कराया था।
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इस तरह सभी 15 एजेंटों ने किसानों समेत अन्य लोगों का करीब 2,57,15,000 रुपये कंपनी में फिक्स कराया था। समय पूरा होने पर जब ग्राहकों ने भुगतान मांगा तो एजेंटों ने कंपनी अधिकारियों से फिक्स की गई रकम भुगतान करने का दबाव बनाया। अधिकारी टाल मटोल करते रहे। कुछ साल पहले कंपनी ने अपना कार्यालय रोडवेज के पास एक होटल में खोल लिया था। मई 2017 में कंपनी के अधिकारियों ने कार्यालय में ताला डाला और सामान समेट कर फरार हो गए।
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अभिकर्ता कौशल किशोर ने कोतवाली में एफआईआर के लिए तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई। इस पर 5 फरवरी को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में अर्जी दी। बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट खलीकुज्जमा ने सुनवाई की। इसे गंभीर मामला बताया। सीजेएम ने नगर कोतवाली प्रभारी को आदेश दिया है कि कंपनी के प्रबंधक निदेशक एके सिंह राणा, शाखा प्रबंधक अरविंद सिंह (अतर्रा) और शाखा कैशियर निर्मल कुमार (बांदा) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करें।

रियल एस्टेट कंपनी निदेशक और प्रबंधक पर एफआईआर के आदेश
निवेश के नाम पर 2.57 करोड़ रुपये बटोरकर फरार
कंपनी के अभिकर्ता ने ही सीजेएम कोर्ट में दी अर्जी
9 वर्ष के बाद पिछले वर्ष फरार हो गई कल्पतरू कंपनी
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