अमर उजाला ब्यूरो
कानपुर देहात/ शिवली। बाघपुर चौकी में शनिवार को हेड कांस्टेबल की सिर में धंसी गोली से मौत हो गई। यह गोली चौकी प्रभारी की निजी लाइसेंसी पिस्टल से निकली थी। पुलिस इसे खुदकुशी मान रही है, जबकि मृतक के भाई ने हत्या का मामला बताया है।
हरदोई के माधौगंज थाना क्षेत्र के शेखनपुर गांव निवासी महेंद्र पाल वर्मा 44 (पुत्र) राम औतार वर्मा 17 जनवरी 2018 से शिवली कोतवाली की बाघपुर चौकी में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। पत्नी व बच्चे कानपुर में यशोदा नगर में रहते हैं। शनिवार शाम करीब पांच बजे खाने के लिए पहुंचे फॉलोअर सियाराम ने चौकी की रसोई में महेंद्र का रक्तरंजित शव देखा। सिर में गोली लगी थी और पास में पिस्टल पड़ी हुई थी। जांच में पता चला कि पिस्टल चौकी प्रभारी केपी सिंह की थी। आईजी की मीटिंग में जाते वक्त चौकी प्रभारी पिस्टल कमरे में छोड़ गए थे और उसकी चाभी महेंद्र के पास थी।
इस जानकारी पर कोतवाली प्रभारी चंद्रशेखर दुबे समेत तमाम पुलिस वाले जुट गए। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉयड भी मौके पर पहुंचा। मौका मुआयना और पूछताछ के बाद एसपी राधेश्याम ने कहा कि पहली नजर में मामला आत्महत्या का लग रहा है। सपाही के तनाव में रहने और नींद की गोली खाने की आदत की जानकारी मिली है। तनाव और नींद की दवा के दबाव में ही ऐसा कदम उठाया होगा। एक गोली चलने से एक खोखा तथा पिस्टल में पांच गोलियां सुरक्षित मिली हैं।
मृत सिपाही महेंद्र के छोटे भाई देवेंद्र वर्मा शेखनपुर (हरदोई) ग्राम पंचायत के प्रधान हैं। सबसे बड़े भाई अरविंद वर्मा लखनऊ आशियाना में डायल-100 टीम में दरोगा हैं। शेखनपुर के प्रधान एवं मृतक के भाई देवेंद्र ने इसे हत्या की घटना बताया है। कानपुर देहात पहुंचे देवेंद्र ने कहा कि भाई को ऐसा कोई तनाव नहीं था, जो आत्महत्या की नौबत तक पहुंचाता। यशोदा नगर में रहने वालीं मृतक की पत्नी का कहना है कि दिन में 12 बजे के आसपास फोन पर सामान्य बातचीत हुई थी। तनाव जैसे कोई संकेत उनकी बातचीत से नहीं मिले।
दरोगा की पिस्टल से सिपाही की मौत
शिवली की बाघपुर चौकी की घटना
पुलिस ने खुदकुशी बताया, भाई ने कहा हत्या हुई
कानपुर के यशोदा नगर में रहता है हरदोई के मूल निवासी सिपाही का परिवार