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कन्नौज में पूर्व मंत्री के बेटे पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट

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कन्नौज में पूर्व मंत्री के बेटे पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट
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क्रासर-
नोडल विकलांग बोर्ड के अध्यक्ष ने दर्ज कराया मामला
फर्जीवाड़े से विकलांग प्रमाणपत्र बनवाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
इंदरगढ़ (कन्नौज)। सपा सरकार में माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री रहे विजय बहादुर पाल के बेटे अनिल पाल पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। यह रिपोर्ट इंदरगढ़ थाने में नोडल विकलांग बोर्ड के अध्यक्ष ने दर्ज कराई है। उन पर फर्जी ढंग से विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
नोडल विकलांग बोर्ड के अध्यक्ष डा. जेजे राम ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि थाना क्षेत्र के जगतापुर निवासी अनिल कुमार पाल पुत्र विजय बहादुर पाल ने मुख्य चिकित्साधिकारी कानपुर द्वारा निर्गत आडियोग्राम (कान की जांच की मशीन द्वारा जांच रिपोर्ट) उनके समक्ष प्रस्तुत की थी। उसके आधार पर अनिल कुमार पाल का 12 नवंबर 2014 को विकलांग प्रमाण पत्र विभाग द्वारा जारी किया गया।
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प्रमाणपत्र फर्जी ढंग से जारी होने की शिकायत मिलने पर आडियोग्राम का सत्यापन कराने के लिए 30 अगस्त 2017 को सीएमओ कानपुर को पत्र भेजा गया। सीएमओ कानपुर ने 23 सितंबर 2017 को पत्र भेजकर अवगत कराया कि अनिल कुमार पाल का आडियोग्राम ईएनटी सर्जन डा. एके तिवारी द्वारा कराना दर्शाया गया है, जो अगस्त 2013 में ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनके द्वारा यह आडियोग्रामी नहीं की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर अनिल पाल का विकलांग प्रमाण पत्र 4 अक्तूबर 2017 को निरस्त कर दिया गया।
2 जनवरी को एसपी को पूरे मामले से अवगत कराते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसके आधार पर इंदरगढ़ थाना पुलिस ने 8 जनवरी को अनिल पाल के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की। थानाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अनिल पाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, पूर्व राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने बताया कि उनकी छवि धूमिल करने के लिए यह षड्यंत्र रचा गया है। बेटे को कान में समस्या थी। इसी का प्रमाणपत्र बनवाया गया, लेकिन इसका कभी भी कहीं अनुचित इस्तेमाल नहीं किया गया। जमीन के विवाद से ध्यान भटकाने के लिए विरोधियों ने झूठा आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। वह लिखित साक्ष्यों के साथ जल्द पूरे मामले की जानकारी देंगे।
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