अमर उजाला ब्यूरो
तालग्राम/कन्नौज।
खजाने के लालच में बेटी की बलि देने के मामले में पुलिस ने दूसरे दिन गुरुवार को भी तेजी दिखाई। किशोरी के पिता के साथ पुलिस ने उसके घर में छापेमारी के साथ पीपल के पेड़ के नीचे गड़े नकली आभूषण और कागज के बंडलों को बरामद किया। जबकि तांत्रिक की निशानदेही पर पुलिस ने साजिश में शामिल उसके गुरु की तलाश में भी छापेमारी की।
तालग्राम पुलिस ने माधवनगर स्थित महावीर घर में छापा मारा। उसके घर से पुलिस ने कागज के नकली नोटों को एक बंडल में बंधा हुआ बरामद किया। उसके गांव के बाहर खड़े पीपल के पेड़ के पास भी पुलिस टीम महावीर को लेकर पहुंची। यहां महावीर के बताए गए स्थान पर खुदाई के दौरान पुलिस को एक मटकी मिली। इसमें करीब दो किलो नकली चांदी और सोने के आभूषण भरे हुए थे।
पुलिस हिरासत में महावीर ने बताया कि तांत्रिक कृष्णा ने उसकी 14 वर्षीय बेटी सविता की बलि देने के बाद उसे नकली कागज के नोट और आभूषण दिए। कहा था कि बलि देने के 11 दिन बाद नकली नोट और आभूषण असली हो जाएंगे।
तांत्रिक कृष्णा ने पूछताछ के दौरान पुलिस अधिकारियों को अपने एक गुरु के भी शामिल होने के बात कही। इससे पुलिस ने तांत्रिक के साथ सबसे पहले उसके गुरु की तलाश में ठठिया थाना क्षेत्र के कई गांवों में छापा मारा, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस ने तांत्रिक के घर से एक कार व बाइक समेत कुछ आभूषणों को कब्जे में ले लिया। पुलिस टीम तांत्रिक कृष्णा को घटनास्थल पिपरौली गांव के एक पीपल के पेड़ के पास लेकर पहुंची। बताया जा रहा है कि तांत्रिक ने इसी पेड़ के नीचे सविता की बलि दी थी। इसके बाद मक्के के खेत में उसका शव फेंक दिया था। तालग्राम थाना प्रभारी तारीख खान ने बताया कि पूरे प्रकरण की छानबीन की जा रही है। पर्याप्त सबूतों और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटना का खुलासा किया जाएगा।
- बेटी की बलि देने के बाद तांत्रिक ने पिता को नकली आभूषण और कागजों के नोटों का दिया था बंडल
- तालग्राम पुलिस ने तांत्रिक को हिरासत में उसके गुरु की तलाश में की छापेमारी