अप्रैल 2017 में जिले आई सीबीआई की टीम ने 13 दिन तक रुककर काफी कुछ पुख्ता सुबूत भी पहले ही इकट्ठा कर लिए थे। इस दौरान पड़ताल में सीबीआई ने अवैध मौरंग खनन के तार सीधे लखनऊ से जुड़े होना भी पाया था।
इसके अलावा उस समय के तत्कालीन पूर्व अपर महाधिवक्ता व पूर्व विधि सलाहकार से भी सीबीआई ने पूछताछ कर काफी जानकारियां हासिल की थी।
बसपा और सपा सरकार में मौरंग खनन में जमकर हुए खेल की परतें सीबीआई ने खोली हैं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने अपनी पड़ताल में हाईकोर्ट से अवैध घोषित 63 मौरंग खनन पट्टों में से 32 में लगाए गए चालानों में भी छेड़छाड़ पकड़ी थी।
इसके लिए सीबीआई की टीम ने बैंकों के माध्यम से हेराफेरी की पुष्टि की थी। सूत्रों का कहना है कि जिले में मौरंग खनन को लेकर हर तरफ खेल ही खेल किए गए है। वर्ष 2010 में 63 मौरंग पट्टों की पत्रावलियां बनीं।
इन्हीं पत्रावलियों पर वर्ष 2013 में मौरंग के पट्टे स्वीकृत कर दिए गए। तब पट्टों की स्वीकृति के समय मौरंग व्यवसायियों ने पूर्व में जमा फाइलों पर लगे फीस के चालान फार्म को निकाल कर इन पट्टों में लगाने का कारनामा किया था, जो सीबीआई की पकड़ में आया भी था।
सीबीआई ने जांच में ऐसे करीब 32 चालान चिह्नित किए थे। सूत्रों का कहना है कि इन चालानों का मिलान बैंकों पर जाकर सीबीआई की टीम ने किया भी था। साथ ही सीबीआई को पूर्व में स्वीकृत दो पट्टे ऐसे हाथ लगे जिनकी पत्रावलियों में पट्टाधारक के फोटो और हस्ताक्षर फर्जी निकले थे।
सीबीआई ने उस समय के तत्कालीन पूर्व विधि सलाहकार और पूर्व अपर महाधिवक्ता से आठ घंटे लंबी पूछताछ भी की थी। सीबीआई ने 16 अक्तूबर 2015 के बाद पकड़े गए मौरंग भरे ट्रकों की सूचना भी ली।
उधर, हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले विजय द्विवेदी ने कहा कि उनकी याचिका पर हाईकोर्ट ने अवैध तरीके से किए गए 63 पट्टे निरस्त हुए थे।
इन पट्टों में अभी कुछ के खिलाफ ही सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की है। कहा कि आने वाले समय में ऐसे सभी पट्टाधारकों पर कार्रवाई हो सकती है।
सोमवार को जिले में आए एक काबीना मंत्री शाम को जब लौटे तो अपने साथ डीएम को भी ले गए। इसको लेकर मंगलवार को चर्चाएं तेज रहीं कि लोस में उठाए गए सवाल का जवाब देने को खनिज विभाग से पुराने पट्टों से संबंधित पत्रावलियों को मंत्री साथ में ले गए हैं।
उधर, चर्चाओं को विराम लगाते हुए इस मामले में खनिज अधिकारी एसके सिंह का कहना है कि यह सिर्फ अफवाह है, ऐसा कुछ भी नहीं है। कहा कि उनके यहां से कोई भी पत्रावली नहीं भेजी गई है।
सीबीआई ने 32 खनन पट्टों में पकड़ी थी हेराफेरी
सीबीआई ने बैंकों में जांच कर छेड़छाड़ की पुष्टि को जुटाए थे पुख्ता सुबूत
हाईकोर्ट से निरस्त हुए 63 मौरंग खनन पट्टाधारकों पर लटक सकती तलवार