प्रेम संबंधों में बाधा बन रही थी बच्ची
फतेहपुर चौरासी थानाध्यक्ष अनुराग सिंह ने बताया कि बच्ची के हत्यारोपी अखिलेश ने कबूल किया है कि बच्ची उसके प्रेम संबंधों में बाधक बन रही थी। साथ ही दो साप्ताह पहले घर लौटे चचेरे भाई (बच्ची के पिता) के सामने दोनों का राज खुलने का भी डर था। इसी पर उसने बच्ची को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
सरसों के खेत में छिपाया था शव
घटना वाले दिन बच्ची के माता-पिता बाजार गए थे। बच्ची के अकेला होने पर उसे मौका मिला और उसका गला घोटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को सरसों के खेत में छिपा दिया। हत्यारोपी की निशानदेही पर मृतका बच्ची के चांदी के कंगन, चप्पल भी खेत के पास बोरी से बरामद किए हैं।
बच्ची को अमरूद दिलाने के बाहने ले गया था
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी अखिलेश ने बताया है कि वह बच्ची को अमरूद दिलाने के बहाने लेकर गया था। मृतका के घर से करीब तीन सौ मीटर दूर एक अमरूद की बाग से उसने उसे दो अमरूद तोड़ कर दिए। उसके बाद सरसों के खेत में ले जाकर गला दबाने लगा। चीखने पर बच्ची ऊनी टोपा उतारकर उसके मुंह में भर दिया था।
हत्यारोपी की पत्नी की हो चुकी है मौत
हत्यारोपी अखिलेश चंडीगढ़ में रहकर मजदूरी करता था। पत्नी भी वहीं साथ रहती थी। सात महीने पहले प्रसव के बाद उसकी पत्नी की मौत हो गई थी। वह बच्ची को लेकर गांव आ गया था। तब से यहीं मजदूरी करता था। उधर बच्ची का पिता कई साल से मेरठ में रहकर काम करता था। पत्नी उसके साथ ही रहती थी लेकिन एक साल से पत्नी अपनी बेटी के साथ गांव में रह रही थी। इसी दौरान दोनों में नजदीकी हो गई।