साथ ही 20 सितंबर को उसे कार्य से कौशाम्बी जनपद पुलिस लाइन रवाना कर दिया। जहां हालत बिगड़ने पर सिपाही ने अपने पिता को जानकारी दी और वहां के एक अस्पताल से पिता के फोटो के साथ उन्होंने 'जरिया पुलिस फैमिली' व्हाट्सएप ग्रुप में एक पोस्ट डाला। सिपाही ने पोस्ट में अपनी बीमारी, अवकाश मांगने व छुट्टी न देने की पूरी जानकारी लिख दी। व्हाट्सएप का स्क्रीनशॉट वायरल होते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
स्क्रीनशॉट में सिपाही ने अपना दर्द बयां किया है। वहीं जरिया इंस्पेक्टर रामआसरे सरोज ने सिपाही के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि श्रवण का कौशाम्बी जिले में पुलिस विभाग के एक गेम में चयन हुआ था जिसमे वह नहीं जाना चाहता था। इसलिए वह अवकाश चाह रहा था। सिपाही उच्चाधिकारियों के पास से अवकाश लेने जा सकता था।