चकरनगर। तहसील क्षेत्र के भरेह, गढ़ाकसदा, पचनद, बिरौना बाग, चौरेला, गोहानी, खिरीटी, सहसों और टिटावली में चंबल यमुना क्वारी के बढ़ते पानी से सब्जी, तिली, बाजरा और मक्का की फसलें जलमग्न हो गई हैं। जहां खेतों में दो दिन पूर्व फसल लहलहा रही थी वहां अब चारों ओर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। किसानों का कहना है कि वर्ष 2022 में आई बाढ़ से खराब हुई फसलों का मुआवजा आज तक नहीं मिल पाया है, एक बार फिर से चंबल के पानी से फसलें डूबने लगी हैं। गढ़ा कसदा निवासी सरला देवी ने बताया कि पिछले वर्षों में हुए नुकसान का सर्वे हुआ, कई बार तहसील के चक्कर लगाए, लेकिन एक रुपया भी मुआवजे के तौर पर नहीं मिला है। गढ़ा कसदा की ही फूलश्री ने बताया कि बाढ़ के पानी से सब्जी की फसल एक बार फिर जलमग्न हो गई है। उन्होंने खेत बटाई पर लिया था। इसके लिए 50 हजार का कर्ज भी लिया था। मक्का और सब्जी की फसल पानी में डूब गई है। अगर इस बार भी मुआवजा नहीं मिला तो खाने के भी लाले होंगे।