कानपुर देहात। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना में रनियां नगर पंचायत में लक्ष्मीनगर में दस दुकानें बनाकर व्यापारिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी है। जबकि दो-दो सामुदायिक व आंगनबाड़ी केंद्र व एक पार्क बनाने की कवायद हो रही है। ईओ ने तहसील प्रशासन से चिह्नित भूमि की पैमाइश व नजरी नक्शा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
रनियां नगर पंचायत नव सृजित है। अब यहां आमजन के लिए सुविधाएं बढ़ें और नगरीय विकास हो इसकी तैयारी है। शासन की योजना के अनुसार यहां पार्क / ओपेन स्पेस का विकास, आंगनबाड़ी और व्यापारिक क्षेत्र बनाने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत लक्ष्मीबाई नगर में जरिहा मोड पर दस दुकानों के निर्माण कराने की रूपरेखा बनी है। यह दुकानें किराए पर दी जाएगी। इससे यहां व्यापारिक क्षेत्र का विकास होगा। इससे रोजगार बढ़ेगा। दुकानें बनाने के लिए 2250 वर्ग फीट भूमि की जरूरत है। कस्बे के शिवपुरी व अटल नगर में एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए अलग-अलग 500 वर्ग फीट भूमि की दरकार है। जबकि आजाद नगर व सरदार पटेल नगर में एक-एक सामुदायिक केंद्र बनाने की रूपरेखा बनी है। इसके लिए प्रति सामुदायिक केंद्र 7 हजार वर्ग फीट भूमि चाहिए। इसी प्रकार पार्क एवं ओपन स्पेस विकास के लिए 37500 वर्ग फीट भूमि की जरूरत है। नगर निकाय प्रशासन की ओर से प्रस्तावित विकास कार्याें के लिए वार्ड वार जमीन चिह्नित की है। अब तहसील प्रशासन को इसका ब्योरा उपलब्ध कराकर भूमि की पैमाइश और नजरी नक्शा बनाकर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
जानें मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना
योजना के तहत प्रमुख चौराहों का सुंदरीकरण और व्यवसायिक क्षेत्र विकास कराना। स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण कराना। 8 अगस्त, 2022 को योजना लागू करने का आदेश हुआ। समस्त नगरीय निकायों को पोर्टल के माध्यम से जिला स्तरीय समिति से अनुमोदित डीपीआर अपलोड करने की व्यवस्था तय की गई है। संवाद
सामुदायिक केंद्रों में हो सकेंगे आयोजन
सामुदायिक केंद्रों में कम किराए पर आयोजन की सुविधा मिलेगी। सामुदायिक केंद्र में पेयजल, शौचालय, हॉल, रसोई व अतिरिक्त कक्ष की व्यवस्था होती है। यहां शादी या अन्य सामुदायिक सहभागिता के कार्यक्रम कराए जा सकते हैं। इसका फायदा कस्बे के लोगों को मिलेगा। रनियां में पार्टी आयोजन के लिए निजी क्षेत्र के व्यवसायिक स्थलों का किराया अधिक है। कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए महंगे कार्यक्रम स्थल बुक कराना संभव नहीं होता है। इससे सामुदायिक आयोजन में परेशानी होती है। संवाद
बयान-
मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना में पार्क, दुकानें, आंगनबाड़ी व सामुदायिक केंद्र बनाने के लिए रूपरेखा बनाई गई है। वार्ड वार भूमि भी चिह्नित हो गई है। अब पैमाइश व नक्शा नजरी की प्रक्रिया तहसील प्रशासन से की जानी है। इसके बाद डीपीआर बनेगी। जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन के बाद डीपीआर पोर्टल के माध्यम से शासन को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी।
-शालिनी त्रिपाठी, ईओ रनियां