कानपुर देहात। अकबरपुर ब्लॉक की अर्से से बंद तिगाईं व मड़ौली स्थित सहकारी समितियां जल्द संचालित होंगी। इससे किसानों को खाद के लिए भाग दौड़ बचेगी और सहूलियत होगी। जिले में करीब तीन लाख पंजीकृत किसान हैं। मौजूदा समय में 86 सहकारी समितियां सक्रिय हैं। अर्से से बंद पड़ी सहकारी समितियों को फिर से शुरू करने के प्रयास हो रहे हैं। इसी क्रम में बीते साल अकबरपुर की बंद सहकारी समिति का संचालन शुरू किया गया था। अब अर्से से बंद पड़ी तिगाईं व मड़ौली सहकारी समिति के संचालन की तैयारी है। बंद पड़ी इन समितियों की वजह से करीब 50 से अधिक गांवों के किसानों को रूरा सहकारी समिति से खाद लेने आना पड़ता है। यहां खाद नहीं मिलने पर किसान निजी दुकानदारों से महंगी खाद लेने को मजबूर होते हैं। समितियों से ही उर्वरक (खाद) मिल सके इसकी मांग किसान करते रहे हैं। इसको लेकर साल की शुरुआत में सार्थक प्रयास हुए। इन समितियों की ऋण सीमा तय कर ली गई है। साथ ही उर्वरक लाइसेंस भी मिल गया है। अपर आयुक्त एवं अपर निबंधक सहकारिता आशीष कुमार मेहता ने बताया कि तिगाईं व मड़ौली सहकारी समितियों के संचालन को लेकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। जल्द ही उर्वरक आवंटन की प्रक्रिया कर ली जाएगी। इसके बाद समितियों से किसानों को खाद मिलेगी। (संवाद)