सात मिनट के भाषण में सुनाई शौर्य गाथा
लोगों को आने-जाने का अच्छा मार्ग मिला है। करीब सात मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा भी सुनाई। मेवाड़ और चित्तौड़ की जीत पर भी जिक्र किया। कहा कि महाराणा प्रताप ने महज 36 वर्ष की उम्र में अकबर को यहां दिखा दिया था कि भारत का स्वाभिमान क्या है।
सीएम ने दीं महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं
भारतीय ताकत और शौर्य का विदेशी आक्रांताओं को लोहा मानना पड़ा था। महज 40 साल की उम्र में महाराणा प्रताप ने न केवल मेवाड़ वापस ले लिया, बल्कि चित्तौड़गढ़ में भी शासन हुआ। अंत में उन्होंने सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।
सासंद ने स्मृति चिन्ह के रूप में दिया राम दरबार
सांसद आरके सिंह पटेल, हमीरपुर सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी आदि ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह के रूप में राम दरबार की प्रतिमा भेंट की। यहां के बाद मुख्यमंत्री लाव-लश्कर के साथ पल्हरी चौराहा (बबेरू रोड) पहुंचे।
यहां महाराज खेत सिंह खंगार जूदेव की प्रतिमा का अनावरण किया। वंदे मातरम और भारत माता के उद्घोष लगाए। उन्होंने कहा कि 12वीं सदी में जब देश विदेशी आक्रांताओं और घुसपैठियों का सामना कर रहा था तब खेत सिंह खंगार का नाम जूनागढ़ की धरती से पृथ्वीराज चौहान का सहयोगी व सहभागी बना था।