प्रेम-प्रसंग के चलते गांव के युवक की बेरहमी से हत्या करने और शव को बोरे में भरकर नाले में फेंकने के मामले में जिला जज विष्णु कुमार शर्मा ने हत्यारोपी दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मानिकपुर क्षेत्र के सरैंया गांव का यह मामला नौ वर्ष पुराना है। दोनों पर 12-12 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि 3 अगस्त 2013 को मानिकपुर थाना क्षेत्र के सरैंया गांव निवासी राजाराम (22) पुत्र देवराज रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था। परिजनों द्वारा लगातार ढूंढे जाने पर दो दिन बाद 5 अगस्त को राजाराम का शव गांव के बाहर नाले के पास रात आठ बजे मिला था। शव बोरे में बंद था। इसके कई टुकड़े कर बोरे में भरा गया था। मृतक के बड़े भाई चुनकावन ने गांव के ही रज्जू और विश्वकर्मा के विरुद्ध हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।