बच्चों के परिजनों को ढूंढने के लिए पुलिस और रेलवे प्रशासन ने विशेष टीमें लगाईं
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कानपुर के पास हुए भीषण रेल हादसे के बाद कई मासूम बच्चे अपनों से बिछड़ गये हैं। एक आठ महीने की बच्ची जो अपना नाम भी नहीं बता सकती उसे पुखरायं के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन ही उसकी देखरेख कर रहा है। इसी तरह पांच साल का बच्चा आदर्श पांडेय भी अपने माता-पिता से अलग हो चुका है। अभी तक उसके परिजनों का कुछ भी पता नहीं चला है। इन बच्चों की देखभाल के लिये समाजसेवी संस्थायें भी आगे आईं हैं। इन दोनों बच्चों के अलावा सफेद और नीले रंग की शर्ट पहने एक चार साल का बच्चा, गुलाबी रंग की फ्रॉक पहने तीन साल की लड़की और सिलेटी कलर का स्वेटर पहने एक दो साल की लड़की लावारिस हालत में पाई गई है। इन बच्चों के परिजनों का कुछ भी अता पता नहीं चल रहा है। पुलिस के अनुसार इन बच्चों के बारे में जो कोई भी जानता हो वह हेल्प लाइन नंबर पर सूचना दे सकता है।