कानपुर देहात। जिले में 40 परिषदीय स्कूलों के ऊपर से गुजरी बिजली लाइनों काे भले ही हटवा दिया गया, लेकिन बच्चों के सिर पर करंट का खतरा अभी भी बरकरार है। कारण करीब 61 अन्य स्कूलों में कहीं एचटी, तो कहीं एलटी लाइनें निकली हैं। कई स्कूलों के परिसर में ट्रांसफार्मर रखे हैं। जिसे हटवाया नहीं जा सका है। यहां पढ़ने वाले बच्चे खतरों के बीच पढ़ाई कर रहे हैं।
जिले में परिषदीय स्कूलों के परिसर से बिजली की लाइनों के निकलने से हादसे हो चुके हैं। स्कूलों में इन लाइनों के नीचे सुरक्षा जाल नहीं लगा होने से खतरे को देखते हुए बीते साल जून में बेसिक शिक्षा निदेशक ने बीएसए को कार्यवाही के निर्देश दिए थे। इस पर 40 स्कूलों को सूचीबद्ध कर ब्योरा बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय को सौंपा गया था। इस पर बिजली निगम ने तारों को शिफ्ट करने के लिए करीब 16.46 लाख रुपये की मांग की थी। इस पर बेसिक शिक्षा विभाग ने परियोजना से धनराशि मांगी थी। वर्ष 2023 में जुलाई से पूर्व बिजली निगम की ओर से चिह्नित 40 परिषदीय स्कूलों से ऊपर से बिजली लाइनों को शिफ्ट करा दिया गया है। इसमें 15 स्कूलों से एचटी (हाईटेंशन) और 25 स्कूलों से एलटी (लो टेंशन) लाइनों को शिफ्ट कराने का काम हुआ है। बावजूद इसके अभी करीब 61 स्कूलों में बिजली लाइनें हैं। कहीं एलटी लाइन है तो कहीं एचटी तार निकले हैँ। कई स्कूलों में तो ट्रांसफार्मर भी रखे हैं। रसूलाबाद के बीआरसी परिसर स्थित संविलियन विद्यालय के गेट पर बिजली लाइन के तार टूटने की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। गनीमत हैं कोई हादसा नहीं हुआ। इसी प्रकार चीतीपुर प्राथमिक विद्यालय के गेट पर बिजली लाइन हादसे को दावत दे रही है। इधर अकबरपुर के कृपालपुर परिषदीय स्कूल के गेट पर परिसर के अंदर से एलटी लाइन निकली है। यहां परिसर में दूसरी ओर ट्रांसफार्मर भी रखा है। इसमें एचटी लाइन आई है।
मौसम खराब होने पर बढ़ जाता खतरा
जिन स्कूलों के ऊपर से बिजली के तार निकले हैं। उन स्कूलों के बच्चों व शिक्षकों को हमेशा खतरा रहता है। मगर बारिश व तेज हवाएं चलने पर खतरा अधिक बढ़ जाता है। कई विद्यालय तो ऐसे हैं जहां करंट आने के डर से छुट्टी तक करनी पड़ जाती है। तमाम प्रयासों के बाद भी जिम्मेदार विद्युत लाइन शिफ्ट कराने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इधर शिक्षा निदेशक बेसिक ने पत्र भेज कर एक बार फिर बेसिक शिक्षा अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे स्कूलों में कभी कोई अप्रिय घटना हो सकती है, इस लिए तत्काल तार हटवाने की प्रक्रिया की जाए और रिपोर्ट निदेशालय भेजें।
पूर्व में बिजली लाइनों वाले 40 स्कूलों की सूची बिजली निगम को दी गई थी। इस पर इन लाइनों को शिफ्ट कराया गया है। कई स्कूलों में अभी बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर व पोल लगे हैं। इसके लिए भी सूचना तैयार कर आगे की प्रक्रिया की जा रही है।
-संजय गुप्ता, बीईओ मुख्यालय
परिषदीय स्कूल जिनमें बिजली लाइनें निकली हैं। ट्रांसफार्मर रखा है या फिर पोल लगा है। इसकी सूचना निदेशालय को दी गई है। पूर्व में दी गई सूची में इन स्कूलों का ब्योरा नहीं भेजा गया था।
-अमित दीक्षित, जिला समन्वयक निर्माण