31 मार्च के बाद शासन ने फल बजट के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं दी। ऐसे में शिक्षक बच्चों को अपने वेतन से फल बांट रहे हैं। पहली अप्रैल से 31 अगस्त तक कुल 17 कार्य दिवसों में शिक्षक एक करोड़ 41 लाख 37 हजार 319 रुपये के फल बच्चों को खिला चुके हैं।
इस दौरान फल बजट के नाम से स्कूलों को एक फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। ऐसे में अब परिषदीय स्कूलों के बच्चों को सप्ताह में एक दिन मिलने वाले फल वितरण पर संकट पैदा होने की स्थिति पैदा हो रही है। अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग में फल बजट की कोई व्यवस्था नहीं है।
उधर, बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार को मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण से फल बजट के लिए मांगपत्र भेजा है। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा का कहना है कि शासन से तीन करोड़ 82 लाख 53 हजार 948 रुपये फल बजट मांगा गया है। इस धनराशि के सत्र के सभी 46 कार्यदिवसों में बच्चों को फलों की व्यवस्था हो सकेगी।