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Fruits of Millions: एक करोड़ 41 लाख के फल खा गए बच्चे, बीएसए ने मांगा तीन करोड़ 82 लाख का बजट, पढ़ें पूरा मामला

Thu, 29 Sep 2022 12:45 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

जिले के परिषदीय स्कूलों में अनोखा मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि शिक्षकों के वेतन से बच्चे एक करोड़ 41 लाख 37 हजार के फल खा गए। सत्र की शुरुआत से शिक्षक अपने वेतन से बच्चों को फल बांट रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फतेहपुर जिले में  शिक्षकों के एक करोड़ 41 लाख 37 हजार वेतन से परिषदीय स्कूलों के बच्चे फल खा गए। सत्र की शुरुआत से ही बजट के अभाव में शिक्षक अपने वेतन से बच्चों को फल बांट रहे। बीएसए ने पूरे सत्र के लिए तीन करोड़ 82 लाख 53 हजार 948 का फल बजट मांगा है।

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जिले के परिषदीय स्कूलों में तीन लाख चार हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। इन बच्चों को प्रति दिन तय मेन्यू के तहत दोपहर को पका पकाया भोजन खिलाया जाता है। प्रत्येक सोमवार को बच्चों को एक ताजा फल देने का प्रावधान है। फल वितरण के लिए प्रति बच्चा मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण चार रुपये भुगतान करता है।

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31 मार्च के बाद शासन ने फल बजट के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं दी। ऐसे में शिक्षक बच्चों को अपने वेतन से फल बांट रहे हैं। पहली अप्रैल से 31 अगस्त तक कुल 17 कार्य दिवसों में शिक्षक एक करोड़ 41 लाख 37 हजार 319 रुपये  के फल बच्चों को खिला चुके हैं।

इस दौरान फल बजट के नाम से स्कूलों को एक फूटी कौड़ी तक नहीं मिली। ऐसे में अब परिषदीय स्कूलों के बच्चों को सप्ताह में एक दिन मिलने वाले फल वितरण पर संकट पैदा होने की स्थिति पैदा हो रही है।  अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग में फल बजट की कोई व्यवस्था नहीं है।
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उधर, बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार को मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण से फल बजट के लिए मांगपत्र भेजा है। बीएसए संजय कुमार कुशवाहा का कहना है कि शासन से तीन करोड़ 82 लाख 53 हजार 948 रुपये फल बजट मांगा गया है। इस धनराशि के सत्र के सभी 46 कार्यदिवसों में बच्चों को फलों की व्यवस्था हो सकेगी।
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