कानपुर देहात। कानपुर नगर के घाटमपुर क्षेत्र में करीब छह साल पहले ईंट भट्ठे में काम करने वाले मजदूर की नाबालिग बेटी को भट्ठे पर काम करने वाले किशोर ने झोपड़ी में ले जाकर दुष्कर्म किया था। मामले की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को अपर जिला जज 13 पाक्सो अदालत ने आरोपी बाल अपचारी को दोष सिद्ध करते हुए उसे सात साल के कारावास की सजा सुनाई, साथ ही उस पर अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक रामरक्षित शर्मा ने बताया कि कानपुर नगर के हमीरपुर क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले पीड़िता के पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि वह अपने परिवार के साथ घाटमपुर क्षेत्र में एक भट्ठे में ईंट पथाई का काम करता है। 15 जून 2017 की रात उसकी 12 वर्षीय पुत्री को भट्ठे में काम करने वाला नाबालिग किशोर (17) उसे बहला -फुसलाकर कर अपनी झोपड़ी में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही उसके खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश 13 पाक्सो बाकर शमीम रिजवी की कोर्ट में चल रही थी। दौरान सुनवाई आरोपी के घटना के समय उसके नाबालिग होने पर अदालत ने उसे बाल अपचारी घोषित कर दिया था। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी बाल अपचारी को दोष सिद्ध करते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसपर बीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने व अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास काटने के आदेश दिए हैं।