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- मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने डीएम से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांगी रिपोर्ट
- वृद्धाश्रम की संचालक फर्म ने खर्च किए 50 करोड़ रुपये का नहीं दिया हिसाब-किताब
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। भरथना स्थित वृद्धाश्रम में संबंधित फर्म की ओर से खर्च की गई 50 करोड़ की धनराशि का हिसाब-किताब न देने पर डीएम ने फर्म के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशालय को पत्र लिखा था। मामले को अमर उजाला ने 25 सितंबर के अंक में प्रमुखता से उठाया था।
खबर का संज्ञान में लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय ने डीएम को पत्र भेजकर दोषी पाए गए लोगों पर कार्रवाई की बात कही है। प्रमुख सचिव संजय प्रसाद की ओर से जारी पत्र में यह निर्देश दिए गए हैं।
वृद्धाश्रम में वित्तीय अनियमितताओं की कई बार शिकायतों के बाद डीएम अवनीश राय ने सीडीओ अजय कुमार गौतम को जांच के निर्देश दिए थे। सीडीओ ने एसडीएम भरथना, बेसिक शिक्षा विभाग के लेखाधिकारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी की तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच करवाई।
टीम ने नौ अगस्त को जांच की। जांच में टीम को संस्था की ओर से वर्ष 2017 से लेकर अब तक खर्च की गई धनराशि का कोई लेखा-जोख उपलब्ध नहीं हो सका। जांच में पाया गया कि संस्था की ओर से संवासनियों को आवास, पर्सनल केयर एवं व्यवस्थाएं, भोजन, स्वास्थ्य व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और मनोरंजन की सुविधाएं न देते हुए सरकारी धनराशि में गड़बड़ी की गई।
इसके बाद डीएम की ओर से प्रमुख सचिव समाज कल्याण को संस्था संचालन के समय से विशेष ऑडिट कराने के साथ ही विधिक कार्रवाई करते हुए संस्था को काली सूची में डालकर अनुदान रोकने की संस्तुति की थी। अमर उजाला ने संस्था के पास 50 करोड़ का हिसाब-किताब नहीं देने के शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले में सीएम कार्यालय की ओर से डीएम को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।