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Kanpur News: गर्भवती की मौत के मामले में दोषी पाया गया सीएचसी का स्टाफ

Fri, 19 Jul 2024 03:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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गर्भवती की मौत के मामले में दोषी पाया गया सीएचसी का स्टाफ
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क्रासर
पीड़ित पति ने डीएम को दिया था प्रार्थना पत्र, डीएम के आदेश पर हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंस
इटावा। गर्भवती महिला के पति से प्रसव कराने के रुपये मांगने पर सीएचसी स्टाफ जांच में दोषी पाया गया। रिश्वत मांगने और लापरवाही बरतने पर प्रसव के बाद महिला की मौत हो गई थी। पीड़ित पति ने इसकी शिकायत डीएम से की थी। डीएम के आदेश पर सीएमओ ने जांच कराई थी।
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चौबिया थाना क्षेत्र के राहिन गांव निवासी प्रदीप कुमार सिंह ने डीएम को प्रार्थना पत्र दिया था। उसमें बताया था कि उसकी पत्नी गीता गर्भवती थी। बीती 25 जून की एक बजे अपनी पत्नी को लेकर सामुदायिक केंद्र बसरेहर लेकर गया था। जहां डाॅक्टर ने पत्नी को भर्ती कर लिया था। डाॅ. कांती, डॉ. पूनम व आशा सीमा ने उससे कहा कि तुम्हारी पत्नी के पेट में बच्चा उल्टा है। तुम लोग 10 हजार रूपये की व्यवस्था कर लो नहीं तो कुछ अनहोनी हो सकती है। पीड़ित ने डाॅक्टर से गुहार लगाई कि उसके पास इतने रूपये नहीं हैं। तभी डाॅक्टर ने व आशा ने कहा कि आठ हजार रूपये दे दो। पीड़ित ने तीन हजार रूपये आशा को दे दिए, तभी सुबह साढ़े तीन बजे उपरोक्त डाक्टरों ने कहा नॉरमल बच्चा हो गया है। जब वह अपनी पत्नी के पास गया तो उसने बताया कि उसका नीचे का हिस्सा सुन्न कर दिया है। तभी 20 मिनट बाद गीता को रक्तस्राव होने लगा। उक्त डाॅक्टरों ने पत्नी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां हालत नाजुक होने के कारण 26 जून को सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान 30 जून को पत्नी की मौत हो गई। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर विकास सचान ने बताया कि जांच में स्टाफ के लोग दोषी पाए गए हैं। जल्द ही उच्चाधिकारियों के आदेश पर कार्रवाई की जाएगी।
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