इन पर 2017 में दर्ज हुई थी रिपोर्ट
पंचायत सचिव जितेंद्र वर्मा, पटल सहायक रामशंकर मिश्रा और कंप्यूटर ऑपरेटर शिवाकांत पांडेय पर तत्कालीन ब्लॉक में तैनात रहे वीडीओ ने 2017 में ही मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में लिलवल के प्रधान रहे शिवसागर की भी संलिप्तता पाई गई थी। पुलिस ने उन्हें भी आरोपितों की श्रेणी में शामिल कर लिया था।
इन आवास लाभार्थियों पर दर्ज हुई जालसाजी की रिपोर्ट
बीडीओ ऊषा देवी की तहरीर पर हरियावा थाने में दर्ज मुकदमें में लिलवल निवासी अनीता पत्नी अवधेश, मजीदन पत्नी उस्मान, सालिया पत्नी सफीक, रेशमा पत्नी भूरे, रसीदा पत्नी अमरूद्दीन, सीमा पत्नी उस्मान, मीना पत्नी कमलेश, चमेली पत्नी जगदीश, बिट्टू पत्नी सियाराम और सरला पत्नी भगवानदीन शामिल हैं।
साथ ही, सरवन पुत्र रामप्रसाद, बिटोली पत्नी बालकराम, सुमन पत्नी संजय, सुनीता पत्नी सुरेश, शशी पत्नी इंद्रपाल, रामवदेवी पत्नी छोटू, राजेश्वरी पत्नी राकेश, जगदेश्वरी पत्नी तौले, छोटी पत्नी छोटे, आरती पत्नी संतू, माधुरी पत्नी मधुरपाल, आशा पत्नी अशोक और शशिबाला पत्नी इंद्रपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।