पांच माह पहले शुरू किया धंधा, 25 लोगों को बनाया शिकार
आरोपी छात्रों ने बताया कि करीब पांच महीने पहले ठगी का खेल शुरू किया था। प्रत्येक छात्र एप पर बनाई हुई आईडी से शिकार खोजता था। जब आपस में मिलने की डेट फिक्स हो जाती थी, तब अन्य साथियों को बुला लिया जाता था। इसके बाद पीड़ित को लूटते थे। पुलिस की वर्दी पहनकर धमकाते भी थे।
हैसियत के अनुसार किया जाता था ब्लैकमेल
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अब तक कुल 25 लोगों को इस तरह से शिकार बनाया है। व्यक्ति की हैसियत के अनुसार ब्लैकमेल किया जाता था। अब तक लाखों रुपये हड़पने की आशंका है। थाना प्रभारी धनंजय पांडेय के अनुसार 25 में से अब तक पांच पीड़ित पुलिस के सामने आ चुके हैं।
कमरे में ही बुलाकर बनाते थे संबंध, फिर बनाते थे वीडियो
पूछताछ में पता चला कि आरोपी छात्र शिकार को मिलने के लिए अपने कमरों में रात को बुलाते थे। लोग देख भी लेते थे, लेकिन युवक होने की वजह से कभी विरोध नहीं हुआ। इसका फायदा आरोपी छात्रों ने उठाते हुए मकान मालिक से बचते हुए कमरे को ही वसूली का अड्डा बना रखा था।
एक शख्स भी बना सकता है शिकार, सजगता ही है बचाव
एडीसीपी लाखन यादव ने बताया कि समाज में हर शख्स अपनी इज्जत बनाना चाहता है। ऐसे में जब वह किसी गलत कार्य में संलिप्त हो जाता है तो आरोपी छात्र जैसे लोग इसका फायदा उठाने से पीछे नहीं हटते। उन्होंने बताया कि किसी को बदनाम करने के लिए किसी गिरोह की जरूरत नहीं होती।
ब्लूड एप से जुड़े हैं पांच करोड़ से अधिक लोग
यह काम सिर्फ एक शख्स भी अकेला ही कर सकता है और इसे रोकने के नाम पर वह अकेला ही अपने शिकार को ब्लैकमेल करने में सक्षम है। ऐसे में सिर्फ सजगता और जागरूकता ही इस तरह की घटनाओं से बचने का एकमात्र रास्ता है। अधिकारी के अनुसार ब्लूड एप से दुनिया भर में पांच करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं।
मास्टरमाइंड ने दिखाया गे-एप का रास्ता
दिलीप ने बताया कि छात्रों ने घर से पर्याप्त खर्चा न मिलने की चर्चा की, तो उसने गे-डेटिंग एप पर सभी की फर्जी आईडी बनवाई। लोगों को ब्लैकमेल कर उससे मिलने वाली रकम से महंगे और ब्रांडेड कपड़े, गर्लफ्रैंड के घुमाने के शौक को पूरा करने का सपना दिखाया। इसके बाद सभी अपना-अपना शिकार खोजने में लग गए।