इसके लिए विजय पाल के पिता ने गांव के ही एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए और कोचिंग सहित अन्य खर्चें उठाए। साल 2016 में पत्नी पुलिस विभाग में सिपाही बनी और बाराबंकी जिले में तैनाती मिली। उसके बाद से वह जब भी घर आती सिर्फ विवाद करती। फिर आना ही बंद कर दिया। साल 2019 में सीधे कोर्ट से तलाक के सम्मन घर आए तो पता चला कि उसने वाद दायर कर दिया है।
अब विजय पाल को पता चला कि बिना तलाक हुए ही उसने एक दूसरे युवक से सगाई कर ली है। एसपी सिद्धार्थशंकर मीना ने मामले की जांच सीओ को सौंपी है। सीओ सिटी आशुतोष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सगाई उसने किसके साथ की, उसकी तैनाती कहां है, इसका पता लगाया जा रहा है। घटना में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।