कानपुर देहात। हिट एंड रन कानून के विरोध के चलते दो दिन से वाहन नहीं चल रहे थे। गृह मंत्रालय की ओर से कानून पर रोक लगाने की सूचना पर बुधवार सड़कों पर वाहनों का संचालन दिखा। इटावा, झांसी रूट पर रोडवेज और सीएनजी बस का संचालन शुरू तो दैनिक यात्रियों के साथ लंबी दूरी का सफर तय करने वालों को काफी राहत महसूस हुई।
अकबरपुर से कानपुर के लिए सीएनजी बसे चलती हैं। यहां से सैकड़ों की संख्या में लोग प्रतिदिन आवाजाही करते हैं। दो दिन से परेशान लोग बुधवार की सुबह बसाें का संचालन देख राहत महसूस की। अकबरपुर निवासी सुमित तिवारी ने बताया कि सुबह आठ बजे सीएनजी बस में बैठकर कानपुर नौबस्ता गए। उन्होंने बताया कि दो दिन से बस का संचालन न होने की वजह से बाइक से कानपुर जाना पड़ा था। इसी तरह अशोक नगर निवासी शिवराम सिंह ने बताया कि दो दिन बस न चलने की वजह से ड्यूटी पर नहीं गए। बुधवार को सीएनजी बस चली तो कानपुर नगर पहुंचे। इसी तरह कानपुर नगर बर्रा निवासी रणजीत सिंह ने बताया कि अकबरपुर के एक बाइक शोरूम में काम करते हैं। दो दिन से कानपुर से अकबरपुर के बीच बस नहीं चली तो बाइक से आना पड़ा था। इसी तरह कानपुर-झांसी हाईवे में माती डिपो के सामने स्टैंड पर खड़े झांसी के मोठ निवासी सूरज कुमार ने बताया कि वह जैनपुर की फैक्टरी में काम करते हैं। दो दिन से बस न संचालित होने से घर नहीं जा पाए। इससे घर वाले परेशान थे। बुधवार को बसों का संचालन शुरू हुआ तो वह छुट्टी लेकर घर के लिए रवाना हुए।
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ऑटो का संचालन समय से दफ्तर पहुंचे लोग
चालकों की हड़ताल का असर ग्रामीण क्षेत्रों में साफ नजर आया। अकबरपुर, रनियां, सरवनखेड़ा, मूसानगर, गजनेर, झींझक, डेरापुर, राजपुर में ऑटो नहीं चल रहे थे। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही थी। पिछले दो दिन से जिला मुख्यालय के दफ्तरों में सन्नाटा जैसा माहौल था। कर्मचारी वाहन न चलने के कारण समय से नहीं पहुंच पा रहे थे। इधर कुछ कर्मचारियों ने छुट्टियां ले रखीं थी। बुधवार को माती आने जाने के लिए ऑटो चलते रहे।