इसका असर जरूर दिखा। पिछले साल दिसंबर में 20 टन सोने का आयात कम हुआ लेकिन सोने के दाम फिर से लगातार बढ़ रहे हैं। सोने के दाम बढ़ने के कारण स्मगलिंग भी बढ़ती है। जानकारों का कहना है कि आयात शुल्क और स्मगलिंग वाले सोने के दाम में 6 लाख रुपये किलो तक का अंतर रहता है।
सरकार को सोने के आयात शुल्क में कटौती करनी चाहिए। यह शुल्क 7-8 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। इस पर जीएसटी भी तीन फीसदी से कम करके दो फीसदी की सिफारिश होनी चाहिए। इससे शुरूआत में राजस्व घट सकता है लेकिन आगे कारोबार बढेगा। जिससे राजस्व कई गुना बढ़ जाएगा।- महेश चंद्र जैन, अध्यक्ष, उप्र सराफा एसोसिएशन
यह भी है मांग
- महंगाई को देखते हुए सरकार पांच लाख रुपये तक नकद में सोना खरीदने की अनुमति दे।
- सोना लगातार महंगा हो रहा है। कुछ लोग ईएमआई पर सोना खरीदना चाहते हैं। इसकी अनुमति मिले।
- क्रेडिट कार्ड पर 45 दिन का उधार मिलता है। इस पर सराफा के खाते से 1.50 से 2.75 प्रतिशत पैसा कट जाता है। व्यापारी इससे बचता है। सरकार को इस पर सब्सिडी देनी चाहिए।
- जब लोग गहने बेचने आते हैं। तो उस पर कैपिटल गेन लगता है। जिसे खत्म कर दिया जाए। इससे सोना उद्योग बढ़ेगा।