नगर निगम करता है चालान
कई बार नगर निगम के कर्मी भी आकर डांटते हैं। चालान करने की बात भी करते हैं। बच्चों को पढ़ाने तक के लिए पैसे नहीं है। ऐसे में हमारी पांचवी पीढ़ी भी इसी काम में लगी है। मेरा बेटा चंद्रमा निषाद नाव बनाने में मेरी मदद करता है। सरकार से भी अगर हमे कुछ मदद मिल जाए तो राहत हो।
बुलावे पर जाते हैं कारीगर
नाव बना रहे प्रदीप निषाद से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि, जिस नाव का निर्माण कर रहे हैं ये बलरामपुर जाएगी। उनकी नावें यहां से देशभर में जाती हैं। वे भी बुलावे पर अहमदाबाद, नैनीताल, ग्वालियर, जबलपुर सहित कई जगह जाते हैं। प्रदीप ने कहा कि, धंधे में कुछ नहीं रह गया है। मैं चौथी पीढ़ी में ये काम कर रहा हूं।
नहीं चाहते..अगली पीढ़ी करे काम
मैं नहीं चाहता कि, हमारी आगे की पीढ़ी भी यही कार्य करे। इसलिए उसे पढ़ा रहा हूं। मेरी बेटी डीसी लॉ कॉलेज से एलएलबी कर रही है। और बेटा नौंवी में पढ़ रहा है। कर्जा लेकर उन्हें पढ़ा रहे हैं। लेकिन अब आगे ये काम और नहीं। उन्होंने बताया कि, हमने सबसे बड़ी नाव कालागढ़ डैम के लिए बनाई।