यह भी चर्चा रही कि यहां से वर्तमान सांसदों को बदलकर कोई दूसरी सीट दी जाएगी। इससे भी नए-नए दावेदार सामने आ गए थे। भाजपा क्योंकि इस बार सभी सीटों को पांच लाख से अधिक के अंतर से जीतना चाहती है, ऐसे में वह सांसदों का टिकट काटकर किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती थी। कहा जा रहा है कि पार्टी की ओर से उन्हीं सीटों पर प्रत्याशियों को बदलने की बात सामने आ रही है, जिसकी सक्रियता में कमी रही है, या फिर कोई और वजह।
बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों का नाम घोषित करने से पहले इन सभी से केंद्रीय इकाई की ओर से कई दौर में दिल्ली बुलाकर बातचीत की गई थी। यहां तक कि पार्टी किस तरीके से चुनाव में उतरेगी, इसे लेकर भी जानकारी दी गई है।
इन सांसदों को बनाया गया भाजपा प्रत्याशी
हरदोई सीट पर जयप्रकाश रावत, इटावा में रामशंकर कठेरिया, बांदा में आरके सिंह पटेल, जालौन में भानु प्रताप सिंह वर्मा, झांसी में अनुराग शर्मा, हमीरपुर में कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, फर्रुखाबाद में मुकेश रावत, कन्नौज में सुब्रत पाठक, फतेहपुर में साध्वी निरंजन ज्योति, उन्नाव में साक्षी महाराज, अकबरपुर में देवेंद्र सिंह भोले और मिश्रिख में अशोक रावत